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दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
संन्यास
दूर देहाभ्यास किया सानन्द संन्यास लिया।तीव्र आत्माभ्यास वेदाभ्यास ते बुझाय के॥
भए मूलशंकर से दयानन्द सरस्वती।योग की जगाई...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
क्षत्रिय
भारत भूमि के रणधीर राजपूत वीर।दुर्बल को रक्षक वो भक्षक सो भयो है॥
एक मुक्ति काज लाख-लाख बलिदान...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
गुरु की शरण में
भारत की एक भव्य विभूति विरजानन्द।गुरुवर शरण में दयानन्द आयो है॥
प्रज्ञाचक्षु गुरुजी को क्रोधी...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
वैश्य
ब्राह्मण क्षत्रिय शूद्र वर्ण को आधार वही।वैश्य वर्ण मरण के चरण तक आयो है॥
वैश्य ने विसार...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
शूद्र
बड़े-बड़े पड़े कहाँ शूद्रन की कथा कौन।शूद्र पे समृद्ध दुःख दर्द को छवायो है॥
धर्म भयो छुआछूत...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
देश की दुर्दशा
भारत भूमि में वेद धुनि न सुनाई कहीं।सुना बाइबिल सुनाई आयतें कुरान की॥
ईसू की...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
शुद्धि
खुले रखे द्वार धर्म छोड़ जानेवाले काज।आनेवाले काज दोष दीनो है अशुद्धि को॥
अति मतिमन्द अंध धर्म अधिकारी...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
चातुर्वर्ण
ब्रह्मविद्यायुक्त वर्ण ब्राह्मण जो शीर्षरूप।हो गए विमुक्त वही उक्त अधिकार ते॥
क्षत्रिय बाहुस्वरूप हीन पराधीन भयो।मुक्ति के सुभक्त...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
बानी में भवानी है
काले कर्मचारियों के काल के कमान जैसी।जुग की जबान रामबाण तेरी बानी है॥
केते-केते कोटि...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
संगठन
जहां वर्ण चार वहां आज तो अपार भयो।हिंदू-हिंदुत्व में भेद-भाव को बढ़ायो है॥
आपस की फूट चली छूट...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
कलिकाल
नेह भयो नष्ट अवशेष कष्ट क्लेश भयो।देश में विशेष भयो विष क्रेम-व्याल को॥
धर्म दूर-दूर भयो अधर्म को...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
न तस्य प्रतिमा अस्ति
लोगों ने बनायी प्रभु प्रतिमा पूजनकाज।अपनी अपूर्णताएं उनमें लगाई हैं॥
प्रतिमा को लगे भूख-प्यास-शीत-ताप लगे।सोने...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
बोल-बाला
धर्म को उठाने वाला अधर्म को ढानेवाला।आंधी को उड़ानेवाला ज्ञान का उजाला तू॥
आप ही के आप वस्त्रालंकारें...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
नरसिंह अवतार
भारत में भया अनाचार का अपार भार।हुआ हाहाकार हर्नाक्ष के हुंकार सा॥
धर्म भयो लोप महापाप...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
सरस्वती के सपूत
सत्य की कमान तेरी सत्य के ही शब्द-बाण।तेरे नैन का निशान सत्य की उन्नति...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
आर्यत्व उद्धारक
पूर्व को प्रकाश कैधों पृथ्वी पे प्रकट भयो।कैधों उत्तरायण को तेज दीप आयो है।।
असत्य के सागर...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
झंडाधारी
आया झंडाधारी वेद धर्म का उडाया झंडा।मंत्र ओम्कार तें जगत को जगायो है।।
पाप-ताप, क्लेश-द्वेष, जेर-जुल्म जारिबे को।कहा...
तेज का मिनारा
कैते महिपतियों को आर्यत्व की दीनी आन।कैते कैते मानियों के मान को उतारा है।।
तेरी अप्रतिम तपश्चर्या की तेजसधारा।तेजस्वी...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
दयानिधि
जोधपुरपति को सुबोध दयानन्द देत।राज गणिका का दिल द्वेष ने जला दिया।।
महर्षि के पाचक को कीनो वश...
दयानन्द बावनीकवि — दूलेराय कराणी
पाखण्ड खण्डनी पताका
हरिद्वार धाम कुम्भमेले के झमेले बीच।भारत की जनता अपार जब आई है॥
मोटे-मोटे साधु-संत...
दयानन्द बावनीकवि — दूलेराय कराणी
पाखण्ड खण्डन पर
अनल पे नीर जैसो नीर पे समीर जैसो।जैसो धन तिमिर पे तरणी को...
दयानन्द बावनीकवि — दूलेराय कराणी
निःस्पृहता
उदयपुर राजन सज्जनसिंह ने एक समय।स्वामीजी को बात एक बताई ईनाम की॥
महर्षि न कीजे मूर्तिपूजा...
दयानन्द बावनीकवि — दूलेराय कराणी
जेते नभ तारे हैं
दलित तारक सारे समाज के सुधारक।आर्य नारी उद्धारक अनाथ उबारे हैं॥
थापे आर्य...
दयानन्द बावनीकवि — दूलेराय कराणी
शास्त्रार्थ विजय
अनूप शहरवाले शास्त्री हीरावल्लभ ने।शास्त्रार्थ विवाद काज सभा को बुलाई है॥
सभा बीच रखी प्रतिमा को...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
सहिष्णुता
सत्य को प्रकाश न सोहात अन्ध उलूक को।असत्य-निवास अन्धकार वास जाको है।।
सत्यनिष्ठ स्वामीजी ने केते-केते...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
अन्तिम इच्छा
आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर।वैद्यो नारायणो हरिः ऐसो वक्त आयो है।।
अंतिम बिदाई...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
मलय के समीर थे
भारती की भीड़ पाप-पीड़ को पिछाननी धीर।वीर दयानन्द गुण-सागर गंभीर थे।।
प्यारे वेदोंवाले सारे...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
रखी आन हिन्दवान की
हाथ रखे वेद, वेद-धर्म को विख्यात रखे।तात रखी तुमने ही ख्यात हिन्दुस्थान की।।
जात...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
भारत के शेर
दीनानाथ की दया से आए दयानन्द देव।दीन-हीन देश के सुवर्ण के सुमेर थे।।
वेदधर्म व्याप्त...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
जयकार
भारती के नन्द दया आनन्द के कन्द दया।नन्द ने उड़ाई नीन्द हिन्द आर्यवृन्द की।।
तीव्र तपको...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
तू न होता तो
धर्म-कर्म-ध्याता नवयुग निर्माता तू ही।भव्यतम भारत के भाग्य का विधाता तू।।
तेज तेरा ताता...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
लेटा तेरी गोदी बीच बेटा दयानन्द सा
टंकारे का बंका तेरे मन्त्रों ने बजाया डंका।पाखण्डों की लंका...
दयानन्द बावनी
कवि : दुलैराय काराणी
शहीदों के सिरमौर
आर्यत्व की इमारत केते-केते शहीदों की।खून पे खड़ी है ऐसे प्रेम-धर्म-पूर थे।।
वीर...
दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी
ग्रन्थ प्रकाशन
आयार्याभिवचन विज्ञान व्यवहारशभु।भ्रान्ति निवारण संध्या वेदांग प्रकाश है।।
पंच महायज्ञविधि सत्य असत्य विवेका।अध्याध्यायी खण्डनव्यामन्तव्य प्रकाश...
ओछी संगत बैठकर पीने लगा शराब
ओछी संगत बैठकर पीने लगा शराब।धर्म गया इज्जत गई हो गई अकल खराब॥
जो आए सो...
सत्यार्थ प्रकाश
कैधों अवनि को एक अजर-अमर ग्रन्थ।कैधों आर्य समाज को आत्म उल्लास है।।
कैधों अनमोल महा रत्नों को रत्नाकर की।वेद को...
शेर बब्बर था
भारत के नरवर जगत के गुरुवर।पुरुष-प्रवर तू प्रखर वीरवर था।।
नेता नर नाहर तू अडग गिरिवर तू।सदा सुखकर तू...
बल दल
दया-बल, मया-बल विमल विनोद बल।वेद शास्त्र बल का सबल शस्त्र बल था।।
विद्या बल वाणी बल युक्ति प्रयुक्ति का बल।पूर्ण...
ऊपर को उठ-उठकर अग्नि करती हमें इशारामुखड़ा
ऊपर को उठ-उठकर अग्नि करती हमें इशारा।जीवन में ऊपर को उठना है कर्तव्य हमारा॥...
ऐसी कृपा हो भगवान्, घर-घर में यज्ञ हवन हो।वर्षा हो शान्ति की, सुख की भरी पवन हो। टेक॥
उपकार हो सभी...
वसन्ततिलका छन्दः
श्लोकः
उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीःदैवेन देयमिति कापुरुषा वदन्ति।दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्यायत्ने कृते यदि न सिध्यति कोऽत्र दोषः॥
अर्थ:निरन्तर उद्योग (परिश्रम) करने वाले...
वसन्ततिलका छन्दः
जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यम्,मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति।चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिम्,सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम्॥
अर्थ:सत्संगति (अच्छे लोगों...
वसन्ततिलका छन्दः
भिक्षाऽशनं तदपि नीरसमेकवारंशय्या च भूः परिजनो निजदेहमात्रम्।वस्त्रं च जीर्णशतखण्डमयी च कन्था,हा-हा तदपि विषयान्न परित्यजन्ति।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. २६)
भावार्थ- भिक्षा का...
वसन्ततिलका छन्दः
प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः,प्रारभ्य विघ्नविहता विरमन्ति मध्याः।विघ्नैः पुनः पुनरपि प्रतिहन्यमानाः,प्रारभ्य चोत्तमजना न परित्यजन्ति।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. २६)
भावार्थ- नीच अधम...
वसन्ततिलका छन्दः
व्याघ्रीव तिष्ठति जरा परितर्जयन्ती,रोगाश्च शत्रव इव प्रहरन्ति देहम्।आयुः परिस्रवति भिन्नघटादिवाम्भो,लोकस्तथाप्यहितमाचरतीति चित्रम्।।(भर्तुहरिकृत- वैराग्यशतक, श्लो. ९६)
भावार्थ- शेरनी के समान भयभीत करने...
वसन्ततिलका छन्दः
मत्तेभकुम्भदलने भुवि सन्तिः शूराः,केचित् प्रचण्ड-मृगराज-वधेऽपि दक्षाः।किन्तु ब्रवीमि बलिनां पुरतः प्रसह्य,कन्दर्पदर्पदलने विरला मनुष्याः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो.५८)
भावार्थ- मैं मानता हूं कि संसार...
वसन्ततिलका छन्दः
निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु,लक्ष्मीः समाविशतु गच्छतु वा यथेष्टम्।अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा,न्याय्यात् पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक,...
शिखरिणी छन्दः
शवाकारं यावद्भजति मनुजस्तावदशुचिःपरेभ्यः स्यात्क्लेशो जननमरणव्याधिनिलयः।यदात्मानं शुद्धं कलयति शिवाकारमचलंतदा तेभ्यो मुक्तो भवति हि तदाह श्रुतिरपि॥३६७॥
॥ विवेकचूडामणि ॥
अर्थ: श्रुति भी यही...
शिखरिणी छन्दः
वयं येभ्यो जाताश्चिरपरिगता एव खलु तेसमं यैः संवृद्धाः स्मृतिविषयतां तेऽपि गमिताः।इदानीमेते स्मः प्रतिदिवसमासन्नपतनागतास्तुल्यावस्थां सिकतिलनदीतीरतरुभिः॥३४॥
॥ वैराग्यशतकम् ॥
अर्थ: जिन माता-पिता से...
शिखरिणी छन्दः
करे श्लाध्यस्त्यागः शिरसि गुरुपादप्रणयितामुखे सत्या वाणी विजयि भुजयोर्वीर्यमतुलम्।हृदि स्वच्छा वृत्तिः श्रुतमधिगतं च श्रवणयोःविनाऽप्यैश्वर्येण प्रकृतिमहतां मण्डनमिदम्॥६१॥
॥ भर्तृहरि नीतिशतकम् ॥
अर्थ: सुपात्र...
शिखरिणी छन्दः
आराध्यः स्वामी तुरगलचित्ता क्षितिभुजोवयं तु स्थूलेच्छा महति च पदे बद्धमनसः।जरा देहं मृत्युर्हरति सकलं जीवितमिदंसखे नान्यच्छ्रेयो जगति विदुषोऽन्यत्र तपसः॥४८॥
॥ वैराग्यशतकम्...
शिखरिणी छन्दः
दयाया आनन्दो विलसति परः स्वात्मविदितःसरस्वत्यस्याग्रे निवसति हिता हीशशरणा।इयं ख्यातिर्यस्य प्रततसुगुणा वेदमननास्त्यनेनेदं भाष्यं रचितमिति बोद्धव्यमनघाः॥३॥
॥ ऋग्वेदादिभाष्यभूमिकारम्भे ॥
अर्थ : दया का...
शिखरिणी छन्दः
अजानन् दाहिर्तिं पतति शलभो दीपदहने,स मीनोप्यज्ञानाद् बडिशयुतमश्नाति पिशितम्।विजानन्तोऽप्येते वयमिह विपज्जालजटिलान्,न मु९चामः कामानहह ! गहनो मोहमहिमा।।(भर्तृहरिकृत- वैराग्यशतक, श्लो. २०)
भावार्थ- अग्नि...
शिखरिणी छन्दः
मही रम्या शय्या विपुलमुपधानं भुजलता,वितानं चाकाशं व्यजनमनुकूलोऽयमनिलः।स्फुरद्दीपश्चन्द्रो विरति वनिता संगमुदितः,सुखं शान्तः शेते मुनिरतनुभूतिर्नृप इव।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. ७१)
भावार्थ- मुनियों के...
अनुष्टुप् छन्दः
न जातु कामः कामानामुपभोगेन शाम्यति।हविषा कृष्णवर्त्मेव भूय एवाभिवर्धते।।
भावार्थ- विषय-वासनाएं विषयों को भोगने से नष्ट नहीं होतीं, बल्कि और अधिक...
शिखरिणी छन्दः
यदा कि९िचज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवम्,तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलिप्तं मम मनः।यदा कि९िचत् कि९िचद् बुधजनसकाशादवगतं,तदा मूर्खोऽस्मीति ज्वर इन मदो मे व्यपगतः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक,...
अनुष्टुप् छन्दः
प्रत्यहं प्रत्यवेक्षेत नरश्चरितमात्मनः।किन्नु मे पशुभिस्तुल्यं किन्नु सत्पुरुषैरिति। (शारंगधर संहिता)
भावार्थ- मनुष्य को चाहिए, वह प्रत्येक दिन आत्मनिरीक्षण करके पता लगावे...
अनुष्टुप् छन्दः
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः।। (गीता २-२३)
भावार्थ- इस शरीर के प्रयोक्ता जीवात्मा को...
अनुष्टुप् छन्दः
स्थानाद्बीजादुपष्टम्भान्निःस्यन्दान्निधनादपि।कायमोधेयशौचत्वात् पण्डिता ह्यशुचिं विदुः।।(योग. व्यास. २-५)
भावार्थ- गर्भाशय में उत्पन्न होने से, रजवीर्य से बना होने से, खाए हुए पदार्थों...
अनुष्टुप् छन्दः
अक्रोधेन जयेत्क्रोधमसाधुं साधुना जयेत्।जयेत् कदर्यं दानेन सत्येनानृतवादिनम्।।
भावार्थ- क्रोधी मनुष्य को प्रेम से जीते, दुष्ट मनुष्य को उपकार से अर्थात्...
अनुष्टुप् छन्दः
आत्मानं रथिनं विद्धि शरीरं रथमेव तु।बुद्धिं तु सारथिं विद्धि मनः प्रग्रहमेव च।।इन्द्रियाणि हयानाहुर्विषयांस्तेषु गोचरान्।आत्मेन्द्रियमनोयुक्तं भोक्तेत्याहुर्मनीषिणः।। (कठो. १-३-३, ४)
भावार्थ- आत्मा...
अनुष्टुप् छन्दः
मनस्यन्यद् वचस्यन्यत् कर्मण्यन्यद् दुरात्मनाम्।मनस्येकं वचस्येकं कर्मण्येकं महात्मनाम्।।
भावार्थ- बुरे मनुष्य के मन में कुछ और होता है, वाणी से कुछ...
भिद्यते हृदयग्रन्थिश्छिद्यन्ते सर्वसंशयाः।क्षीयन्ते चास्य कर्माणि तस्मिन्दृष्टे परावरे।। (मुण्डकोपनिषद् २-१-१८)
भावार्थ- ईश्वर का साक्षात्कार होने पर आत्मा की अविद्या नष्ट हो...
अनुष्टुप् छन्दः
ध्यायतो विषयान्पुंसः संगस्तेषूपजायते।संगात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते।।क्रोधाद् भवति संमोहः संमोहात्समृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति।।(गीता. २-६२, ६३)
भावार्थ- विषयों का ध्यान करने से ध्येय वस्तु...
लाखों घर बरबाद हो गए
लाखों घर बरबाद हो गए,इस दहेज की बोली में।अर्थी चढ़ी हजारों कन्या,बैठ न पाई डोली में॥टेक॥
कितनों...
मन्दाक्रान्ता छन्दः
घृष्टं घृष्टं पुनरपि पुश्चन्दनं चारु गन्धं,छिन्नं छिन्नं पुनरपि पुनः स्वादु चैवेक्षुदण्डम्।दग्धं दग्धं पुनरपि पुनः का९चनं कान्तवर्णं,प्राणान्तेऽपि प्रकृतिविकृतिर्जायते नोत्तमानाम्।।भावार्थ- चन्दन...
वसन्ततिलका छन्दः
मत्तेभकुम्भदलने भुवि सन्तिः शूराः,केचित् प्रचण्ड-मृगराज-वधेऽपि दक्षाः।किन्तु ब्रवीमि बलिनां पुरतः प्रसह्य,कन्दर्पदर्पदलने विरला मनुष्याः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो.५८)
भावार्थ- मैं मानता हूं कि संसार...
शिखरिणी छन्दः
क्वचिद् भूमौ शय्या क्वचिदपि च पर्यङ्कशयनं,क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदनरुचिः।क्वचित्कन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बरधरो,मनस्वी कार्यार्थी न गणयति दुःखं न सुखम्।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक,...
गंगातीरे हिमगिरिशिला-बद्धपद्मासनस्य
गंगातीरे हिमगिरिशिला-बद्धपद्मासनस्य,ब्रह्मध्यानाभ्यसनविधिना योगनिद्रां गतस्य।किं तैर्भाव्यं मम सुदिवसैर्यत्र ते निर्विशंकाः,कण्डूयन्ते जरठहरिणाः स्वांगमंगे मदीये।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. ३७)
भावार्थ- प्राचीन काल में लोगों...
शिखरिणी छन्दः
यदा किञ्चिज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवम्,तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलिप्तं मम मनः।यदा कि९िचत् कि९िचद् बुधजनसकाशादवगतं,तदा मूर्खोऽस्मीति ज्वर इन मदो मे व्यपगतः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक,...
येषां न विद्या न तपो न दानं
येषां न विद्या न तपो न दानं,ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।ते मर्त्यलोके...
मालिनी छन्दः
उदयति यदि भानुः पश्चिमे दिग्विभागे,प्रचलति यदि मेरुः शीततां याति वह्निः।विकसित यदि पद्मं पर्वताग्रे शिलायाम्,न भवति पुनरुक्तं भाषितं सज्जनानाम्।।
भावार्थ :...
उठो आर्य वीरांगना
उठो आर्य वीरांगनाआदि सृष्टि की शक्ति भक्ति सी उठो आर्य वीरांगना।काल नहीं तुम महाकाल हो करो मृत्यु का...
अभी तो और बढ़ना है
अभी तो और बढ़ना है, अभी तो और चलना है।हमें तो लक्ष्य पाना है नहीं अभी...
ब्रह्मचर्य नष्ट कर डाला
ब्रह्मचर्य नष्ट कर डाला,कैसा हुआ देश मतवाला।
पवन-पुत्र हनुमान बली ने कैसा बल दिखलाया था,ब्रह्मचर्य के प्रताप...
गुटका तम्बाकूवाला, खुश होकर मुँह में डाला।गुटके ने लेली कितनी जान,संभल जा संभल जा नौजवान॥टेक॥
पीला है चेहरा उसका, सूरत है...
ईश्वर की आज्ञा को पालो
ईश्वर की आज्ञा को पालो,करो अग्निहोत्र सब भाई॥टेक॥
द्रव्य सुगन्धित पुष्टिकरण, औषध रोगनिवारक पुण्यदाई।मन्त्र पढ़ो विज्ञान विधारक,...
कभी इसका आना-जाना किसी ने न जाना।
कभी इसका आना-जाना किसी ने न जाना।कहाँ का निवासी है यह, कहाँ है ठिकाना।किसी...
आर्य समाज धनौरा (टीकरी), बागपत का 50वां वार्षिकोत्सव 23 से 25 अक्टूबर तक
बागपत, उत्तर प्रदेश। आर्य समाज धनौरा (टीकरी), बागपत...
चार दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम 2026, बीकानेर में होगा भव्य आयोजन
बीकानेर, राजस्थान: नगर आर्य समाज बीकानेर एवं बीकानेर संभाग के...
आर्य समाज, आयुध निर्माणी (धोड़ा), मुरादनगर (गाजियाबाद)
द्वारा आयोजित भव्य वेद प्रचार कार्यक्रम
वेद प्रचार
(विक्रमी संवत् 2083, कार्तिक कृष्णपक्ष तृतीया से सप्तमी...
सादर निमंत्रण
चार दिवसीय वेद प्रचार एवं स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती एवं स्वामी श्रद्धानन्द जी के वैदिक...
आगामी कार्यक्रम अक्टूबर 2026 | ऋषि मिशन | अंतरराष्ट्रीय भजन सम्राट पंडित दिनेश पथिक जी का कार्यक्रम
अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय...
आप सभी को यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि माँ भगवती की पावन भूमि बागेश्वर (उत्तराखंड) के...
अक्टूबर माह के कार्यक्रम 2026 | दर्शन योग धाम, गुजरात
दर्शन योग धाम, गांधीनगर, गुजरात में अक्टूबर माह 2026 के लिए...
दर्शन योग धाम के अक्टूबर 2026 के विशेष कार्यक्रम | आचार्य दिनेश कुमार जी एवं आचार्य प्रियेश जी के सानिध्य...
स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी के उपलक्ष्य में संगीतमय श्री राम कथा एवं वेद प्रचार कार्यक्रम 2026
धौलपुर में आयोजित होगा संगीतमय...
आर्य प्रतिनिधि सभा, हरियाणा के तत्त्वावधान में
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में
स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह
दिनांक :...
आर्य समाज गगसीना का
31वाँ वार्षिकोत्सव
दिनांक : 13, 14 एवं 15 अक्टूबर 2026 (मंगलवार, बुधवार एवं गुरुवार)
सादर आमंत्रण
आर्य समाज गगसीना का...
सस्नेह निमंत्रण
आर्य समाज किशनपुर–बराल (बागपत)
13वाँ वार्षिकोत्सव
महर्षि दयानन्द सरस्वती की प्रेरणा से आयोजित
धर्मानुरागी एवं राष्ट्रप्रेमी सज्जनों!
धर्मानुरागी, राष्ट्रप्रेमी सज्जनों, आप सभी को...
आर्य समाज के 150 वर्ष एवं नवम वार्षिक महोत्सव और यजुर्वेद ब्रह्म पारायण महायज्ञ 2026
आर्य समाज के 150 वर्ष एवं...
आर्य समाज मोहाली पंजाब का वार्षिकोत्सव 2026 – भव्य वैदिक कार्यक्रम का आयोजन
आर्य समाज मोहाली पंजाब का वार्षिकोत्सव 18 अक्टूबर...
वेद प्रचार महोत्सव 2026, कानपुर नगर | जिला आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा भव्य आयोजन
कानपुर नगर में वेद प्रचार महोत्सव 2026...
वेद प्रचार महोत्सव 2026: आर्य समाज उद्योग नगर में होगा भव्य आयोजन, जानें तारीख और समय
आगरा। महर्षि दयानंद सरस्वती के...
आर्य समाज गंगानगर, मेरठ में 27वाँ वार्षिकोत्सव एवं वेद प्रचार समारोह का आयोजन
मेरठ के गंगानगर स्थित आर्य समाज द्वारा 27वें...
गुरुकुल विश्वभारती रोहतक का 35वां वार्षिक महोत्सव 4-5 नवंबर 2026 को होगा आयोजित
रोहतक, हरियाणा: गुरुकुल विश्वभारती, भैयापुर, लाढौत रोड, रोहतक...
आर्य समाज कृष्णा कालोनी, भिवानी में 56वां 3 दिवसीय वार्षिकोत्सव 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक होगा आयोजित
भिवानी। आर्य समाज...
18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए ब्रह्मचर्य एवं योग गुरुकुल
आज के समय में मोबाइल की बढ़ती लत,...
शरदोत्सव 2026: वैदिक साधना आश्रम तपोवन में विशेष आयोजन
शरदोत्सव 2026 का आयोजन वैदिक साधना आश्रम, तपोवन, नालापानी, देहरादून द्वारा किया...
आर्य समाज ब्यावर का 142वां वार्षिकोत्सव 6 से 9 अक्टूबर तक
ब्यावर। आर्य समाज, ब्यावर की ओर से 142वां वार्षिकोत्सव 6...



































































































