दयानन्द बावनी
कवि दूलेराय काराणी
सरस्वती के सपूत
सत्य की कमान तेरी सत्य के ही शब्द-बाण।
तेरे नैन का निशान सत्य की उन्नति है॥
काराणी कहत एक सत्य की सम्पत्ति तेरी।
सत्य तेरा योग तू ही जनम को जति है॥
नेता उद्धरिता रोका रति के पति को तूने।
शस्त्र तेरा संयम अमंद अति मति है॥
पूर्व के अभूतपूर्व आप देवदूत सर-
स्वतीके सपूत दयानन्द सरस्वती है॥२५॥
























