Arya Samaj bhajan
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
संन्यास
दूर देहाभ्यास किया सानन्द संन्यास लिया।तीव्र आत्माभ्यास वेदाभ्यास ते बुझाय के॥
भए मूलशंकर से दयानन्द सरस्वती।योग की जगाई...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
क्षत्रिय
भारत भूमि के रणधीर राजपूत वीर।दुर्बल को रक्षक वो भक्षक सो भयो है॥
एक मुक्ति काज लाख-लाख बलिदान...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
गुरु की शरण में
भारत की एक भव्य विभूति विरजानन्द।गुरुवर शरण में दयानन्द आयो है॥
प्रज्ञाचक्षु गुरुजी को क्रोधी...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
वैश्य
ब्राह्मण क्षत्रिय शूद्र वर्ण को आधार वही।वैश्य वर्ण मरण के चरण तक आयो है॥
वैश्य ने विसार...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
शूद्र
बड़े-बड़े पड़े कहाँ शूद्रन की कथा कौन।शूद्र पे समृद्ध दुःख दर्द को छवायो है॥
धर्म भयो छुआछूत...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
देश की दुर्दशा
भारत भूमि में वेद धुनि न सुनाई कहीं।सुना बाइबिल सुनाई आयतें कुरान की॥
ईसू की...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
शुद्धि
खुले रखे द्वार धर्म छोड़ जानेवाले काज।आनेवाले काज दोष दीनो है अशुद्धि को॥
अति मतिमन्द अंध धर्म अधिकारी...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
चातुर्वर्ण
ब्रह्मविद्यायुक्त वर्ण ब्राह्मण जो शीर्षरूप।हो गए विमुक्त वही उक्त अधिकार ते॥
क्षत्रिय बाहुस्वरूप हीन पराधीन भयो।मुक्ति के सुभक्त...
दयानन्द बावनी
कवि दुलेराय काराणी
बानी में भवानी है
काले कर्मचारियों के काल के कमान जैसी।जुग की जबान रामबाण तेरी बानी है॥
केते-केते कोटि...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
संगठन
जहां वर्ण चार वहां आज तो अपार भयो।हिंदू-हिंदुत्व में भेद-भाव को बढ़ायो है॥
आपस की फूट चली छूट...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
कलिकाल
नेह भयो नष्ट अवशेष कष्ट क्लेश भयो।देश में विशेष भयो विष क्रेम-व्याल को॥
धर्म दूर-दूर भयो अधर्म को...
दयानन्द बावनीकवि दूलेराय काराणी
बोल-बाला
धर्म को उठाने वाला अधर्म को ढानेवाला।आंधी को उड़ानेवाला ज्ञान का उजाला तू॥
आप ही के आप वस्त्रालंकारें...











