Arya Samaj bhajan

जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।

पुरुषार्थी बनो (तर्ज-तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा…) जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।तूफान का मुँह मोड़ के रख दे...
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इनसान (तर्ज-बहारो फूल बरसाओ) किसी के काम जो आए उसे इनसान कहते हैं।पराया दर्द अपनाए उसे इनसान कहते हैं।किसी के काम जो...
कब जीना आएगा जीने को तू नई से नई चीज़ बनाएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे कब जीना आएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे…….. १. माना...
पहचान लिया है दुनियाँ की हकीकत को हमने जान लिया है।मतलब के सभी लोग हैं पहचान लिया है। १. हमदर्द यहाँ कौन...
पहले तोलो फिर बोलो (तर्ज - हाय न वस ओये न वस बदला अजे न वस ओये कालेया) पहले अपनी बात को...
कर ओम् नाम का जाप (तर्ज- बुरा जो देखन मैं चला) १. कर्मशील इनसान कर ओम् नाम का जाप।ओम् नाम के जाप...
जिसकी तलाश है (तर्ज-तुझे क्या सुनाऊँ ऐ दिलरुबा…) तुझे मनवा जिसकी तलाश है।अति निकट उसका निवास है।काहे दर बदर तू भटक रहावह...
नेकियाँ कमाना (तर्ज - दिल का खिलौना हाये टूट गया) नेकियाँ कमाना काहे छोड़ दिया।बुरी आदतों से नाता जोड़ दिया।नेकियाँ कमाना काहे……….. १....
सारा जीवन बीत गया (तर्ज - मेरी छम छम बाजे पायलिया) तेरा जीवन सारा बीत गया।तुम से मनाया नहीं मीत गया।तेरा जीवन...
अमृत पिया करो (तर्ज - जोगी हम तो लुट गये तेरे प्यार में) लिया करो उस प्रभु का नाम हर दम लिया...
तेरी लाठी बे आवाज़ है भक्त जनों का रखवाला भगवान् गरीब नवाज़ है।सारी दुनियाँ मान गई तेरी लाठी बे आवाज़ है। १....
सब का दाता एक है (तर्ज - सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है) अनगिनत प्राणी जगत् में सब का दाता...