महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित वेद-आधारित आर्य समाज — सत्य, अहिंसा और ज्ञान का मार्ग प्रशस्त करता है।
आर्य समाज एक हिंदू सुधार आंदोलन है जिसकी स्थापना 1875 में स्वामी दयानंद सरस्वती ने मुंबई में की थी। यह संगठन वेदों को ज्ञान का परम स्रोत मानता है और मूर्तिपूजा, जातिवाद तथा अंधविश्वास का विरोध करता है।
कृण्वन्तो विश्वमार्यम् — सारे विश्व को आर्य बनाओ।— महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती | सत्यार्थप्रकाश, 1875
वेद ही सत्य का एकमात्र स्रोत है, वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है।
सत्यं वद। धर्मं चर। — सत्य बोलो, धर्म का आचरण करो।