आर्य समाज सेवा में कमल धवन आर्य का प्रवास : दिल्ली

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कमल धवन आर्य का राजस्थान-Delhi प्रवास: ऋषिउद्यान से गुरुकुल तक सम्मान और संवाद का प्रेरक सफर

11 व 12 अप्रैल 2026 को कमल धवन आर्य (दिल्ली) के नेतृत्व में एक प्रेरणादायक धार्मिक व सामाजिक यात्रा सम्पन्न हुई, जिसमें राजस्थान के प्रमुख वैदिक स्थलों—ऋषिउद्यान अजमेर, दयानंद न्यास जोधपुर, जयपुर और बहरोड़ स्थित महर्षि दयानंद योग धाम—का दौरा किया गया। इस यात्रा का उद्देश्य आर्य समाज के सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार, विभिन्न संस्थाओं से संवाद और वैदिक संस्कृति को सशक्त करना था।

बहरोड़ स्थित महर्षि दयानंद योग धाम में पहुंचने पर योग धाम के संचालक रामकृष्ण शास्त्री द्वारा कमल धवन आर्य का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर वैदिक परंपराओं के अनुरूप सत्कार हुआ, जो आर्य समाज की जीवंत परंपरा का प्रतीक है।

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इसके उपरांत कमल धवन आर्य जी दिल्ली लौटे, जहाँ उन्होंने आर्य समाज के विभिन्न विशिष्ट व्यक्तियों और संस्थाओं से मुलाकात की। दिल्ली आगमन पर सर्वप्रथम उनके निवास स्थान पर नाश्ते का आयोजन हुआ। इस दौरान उन्होंने बहरोड़ योग धाम आश्रम के लिए एक हारमोनियम भेंट कर सेवा भावना का परिचय दिया।

इसके बाद उन्होंने क्रमशः सुरेश आर्य (रानी बाग), आचार्य सुंदर शास्त्री (आर्य समाज मंदिर, उस्मानपुर), महेंद्र भाई (शाहदरा) से भेंट की। इस दौरान वैदिक धर्म, समाज सेवा और संगठन के विस्तार पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

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द्वारका, दिल्ली में विद्या वाचस्पति डॉ. गंगा शरण आर्य द्वारा कमल धवन आर्य को “आर्य रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके निरंतर सामाजिक व वैदिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।

इसके पश्चात उन्होंने गुरुकुल खेड़ा खुर्द के वार्षिक सम्मेलन में सहभागिता की, जहाँ डॉ. अनिल आर्य (केंद्रीय आर्य परिषद), अरुण आर्य तथा वैद्य राधाकांत शास्त्री से मुलाकात हुई। इस सम्मेलन में वैदिक शिक्षा और गुरुकुल परंपरा के महत्व पर विशेष चर्चा हुई।

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यात्रा का अंतिम पड़ाव स्वामी प्रणवानंद गुरुकुल, गौतम नगर रहा, जहाँ कमल धवन आर्य जी ने स्वामी जी के स्वास्थ्य का हाल-चाल जाना। इस अवसर पर स्वामी जी ने भी उनका सम्मान किया, जो परस्पर श्रद्धा और आदर का प्रतीक रहा।

यह सम्पूर्ण यात्रा न केवल वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार का माध्यम बनी, बल्कि विभिन्न आर्य संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग को भी सुदृढ़ करने वाली सिद्ध हुई।

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