चतुर्वर्षीय वैदिक योग, ध्यान एवं सिद्धांत प्रशिक्षण : हरियाणा

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चतुर्वर्षीय वैदिक योग, ध्यान एवं सिद्धांत प्रशिक्षण : हरियाणा

Table of Contents

आत्मोन्नति केंद्र, तपोभूमि

ग्राम–भड़ताना, जिला–जींद, हरियाणा

(3 + 1) चतुर्वर्षीय वैदिक योग, ध्यान एवं सिद्धांत प्रशिक्षण

एवं वैदिक प्रशिक्षक / उपदेशक निर्माण पाठ्यक्रम

अतिरिक्त 1 वर्ष : अंग्रेजी भाषा में विषय-प्रस्तुति एवं संभाषण हेतु विशेष प्रशिक्षण

संक्षिप्त परिचय

  • वर्ग : पुरुष
  • स्थान : आत्मोन्नति केंद्र, भड़ताना, जींद, हरियाणा
  • आयोजक : आत्मोन्नति केंद्र, भड़ताना, जींद, हरियाणा
  • प्रारंभ 26 अक्टूबर 2026 से
मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं सान्निध्य :
  • आचार्य आशीष आर्य जी (दर्शनाचार्य),
  • आचार्य आत्मप्रकाश आर्य जी (व्याकरणाचार्य)
  • एवं सहयोगी अध्यापक

पाठ्यक्रम का उद्देश्य

  • योग, ध्यान, उपासना आदि में रूचि रखने वाले अध्यात्म-पिपासु युवकों के लिए यह पाठ्यक्रम निर्मित है।
  • अल्प अवधि में साररूप विद्या, वैदिक जीवन-मूल्य, सिद्धांत निष्ठ, व्यवहारकुशलता तथा प्रचार-योग्यता विकसित करना इसका उदेश्य है।
  • वैदिक आर्य उपदेशकों के निर्माण की वर्तमान आवश्यकता की पूर्ति हेतु यह एक विनम्र प्रयास है।
  • अतिरिक्त 1 वर्ष के माध्यम से अंग्रेजी में विषय-प्रस्तुति की योग्यता भी विकसित की जाती है।

प्रवेश योग्यता

  • आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष
  • अध्यात्म – पिपासु प्रतिभाशाली, आचरणशील युवक
  • 12 वीं में कम से कम 75% अंक
  • स्नातक तथा अंग्रेजी भाषा में सक्षम वैदिक धर्म युवकों को प्राथमिकता

विशेष आकर्षण

  • वैदिक योग, ध्यान और उपासना का प्रायोगिक प्रशिक्षण
  • शास्त्र-अध्ययन एवं तर्कपूर्ण वैदिक सिद्धांत
  • संध्या, दैनिक यज्ञ और जीवन-निर्माण
  • देश-विदेश में वैदिक प्रचार हेतु तैयारी
  • संस्कृत संभाषण, व्यक्तित्व विकास और व्यवहार-कौशल

प्रवेश योग्यता

  • आयु : 18 से 40 वर्ष
  • अध्यात्म-पिपासु, प्रतिभाशाली एवं आचरणशील युवक
  • कक्षा 12वीं में न्यूनतम 75% अंक
  • स्नातक एवं अंग्रेजी भाषा में सक्षम वैदिक धर्म के युवकों को प्राथमिकता
  • वैदिक जीवन-मूल्यों, आत्मानुशासन एवं समाज-सेवा के प्रति प्रतिबद्धता

पाठ्यक्रम में प्रमुख रूप से पढ़ाए जाने वाले विषय

  • * वैदिक सिद्धांत

* वैदिक योग के अंतर्गत धारणा, ध्यान, समाधि आदि योगांगों का प्रायोगिक प्रशिक्षण व अभ्यास

* महर्षि कपिल कृत सांख्यदर्शन एवं महर्षि पतंजलि कृत योगदर्शन के चयनित प्रकरणों व सूत्रों का अध्ययन

* महर्षि दयानंद सरस्वती कृत सत्यार्थप्रक्राश, ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका आदि के चयनित प्रक्ररण

* चयनित उपनिषद, रामायण व गीता के विशिष्ट श्लोक एवं प्रसंग

* आर्य पर्व परिचय, वेद परिचय, वेद के विशिष्ट मंत्र एवं अध्याय

* निरुक्त परिचय

* लोक व्यवहार एवं मनोविज्ञान

वैदिक संध्या एवं दैनिक यज्ञ प्रशिक्षण, मंत्रार्थ, विस्तृत व्याख्या व शंका-समाधान

* देश-विदेश में प्रचार क्षेत्र में उपयोगी विविध आवश्यक विषयों का प्रशिक्षण

* न्याय व वेदांत दर्शन के चयनित प्रसंग तथा वैशेषिक दर्शन परिचय

* संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण व परिचय

* ध्यान-साधना में प्रायोगिक स्तर पर स्पष्टता के साथ प्रशिक्षण करा सकने की योग्यता

* मन की शांति, तनाव-रहित वैदिक जीवन-शैली

* अंतिम एक वर्ष में अंग्रेजी भाषा में शास्त्र-अध्ययन, विषय-प्रस्तुति व संभाषण अभ्यास

आवेदन कैसे करें

  • इच्छुक प्रतिभागी नाम, स्थान, आयु, 12वीं एवं स्नातक के अंक, कार्य-अनुभव, रुचि, जीवन-लक्ष्य, योजना, आर्यसमाज से संपर्क तथा पारिवारिकदायित्व सहित अपना बायोडाटा चित्र सहित भेजें।
  • बायोडाटा निचे दिए गए व्हाट्सऐप नंबरों पर प्रेषित करें।

प्रत्येक वर्ष एक मास की इंटर्नशिप (प्रशिक्षण अभ्यास)

  • प्रत्येक वर्ष एक मास के लिए इंटर्नशिप में भेजा जाएगा।
  • इस अवधि में अधिकतम एक सप्ताह के लिए पारिवारिक दायित्व हेतु घर जा सकेंगे।
  • नियमित समय का उल्लंघन या अनुपयुक्त व्यवहार होने पर प्रमाणपत्र तथा केंद्र की अनुशंसा से वंचित किया जा सकता है।

प्रवेश प्रक्रिया

  • चयनित आवेदकों को साक्षात्कार हेतु आत्मोन्नति केंद्र में आमंत्रित किया जाएगा।
  • साक्षात्कार हेतु आमंत्रित महानुभावों को रेल किराया तथा भोजन-आवास की व्यवस्था केंद्र द्वारा उपलध्य कराई जाएगी।
  • साक्षात्कार में चयनित युवकों को 26 अक्टूबर 2026 को अस्थायी प्रवेश दिया जाएगा।
  • एक माह की अनुकुलता सिद्ध होने पर स्थायी प्रवेश दिया जाएगा।

पाठ्यक्रम शुल्क

  • गृहत्यागी, विस्क्त, देश-धर्म और समाज-सेवा हेतु समर्पित युवकों के लिए पूर्णतया निःशुल्क।
  • पारिवारिक दायित्त्वों से मुक्त सीमित आर्थिक साधनों वाले धार्मिक और समर्पित युवकों के लिए भी निःशुल्क ।
  • आर्थिक रूप से सक्षम युवकों के लिए भोजन, आवास, पठ्न-सामग्री एवं विद्या अर्जन हेतु स्वैच्छिक योगदान का प्रावधान है।

इस पाठ्यक्रम से प्रतिभागी को लाभ

  • ध्यान सीखने और अभ्यास करने का स्वर्णिम अवसर
  • जीवन में शांति, स्थिरता और सुलझेपन का विकास
  • शस्त्र अध्ययन में गहराई और स्पष्टता
  • देश-विदेश में वैदिक धर्म और संस्कृति के प्रचार में सक्षम बनना
  • ध्यान-साधना का प्रशिक्षण कराने की योग्यता विकसित होना
  • सकारात्मकता, उत्साह, व्यवहार-कुशलता और आत्मविश्वासका विकास
  • योग्य प्रशिक्षणार्थी बाह्य व आंतरिक धन दोनों के अधिकारी बन सकते हैं

विशेष

  • स्व-अनुशासित रहने के इच्छुक आध्यात्मिक रुचि वाले महानुभाव ही आवेदन करें।
  • जो स्वयं को और समाज को सही दिशा में ले जाने की इच्छा रखते हैं, उनका हार्दिक स्वागत है।
  • मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, गयाना, विनिवाद, साउथ अफ्रीका, हॉलैंड, अमेरिका आदि देशों के आर्य महानुभाव भी आवेदन कर सकते है।

संपर्क सूत्र

आचार्य आशीष आर्य जी

(दर्शनाचार्य)
📱 व्हाट्सऐप : 9015116885

आचार्य आत्मप्रकाश आर्य जी

(व्याकरणाचार्य)
📱 9416773617

आत्मोन्नति केंद्र

📱 7355881877

शुभेच्छुक

आचार्य आशीष आर्य
आत्मोन्नति केंद्र, तपोभूमि
ग्राम–भड़ताना, जिला–जींद, हरियाणा–126113, भारत

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