अगर पाप में
अगर पाप में आपका दिल नहीं है।
तो ईश्वर का मिलना भी मुश्किल नहीं है।।
न हो उसकी मखलूक से प्यार जिसको,
वो आबिद कहाने के काबिल नहीं है।
तुझे दुनिया काबू में कर लेगी नादाँ,
जो काबू में तेरे तेरा दिल नहीं है।
ये हस्ती है किसकी तू रहता है जिसमें,
अगर उसकी हस्ती का कायल नहीं है।
जिसे दुनिया कहते हैं अय दुनिया वालो,
ये रणक्षेत्र है कोई महफिल नहीं है।
जिसे मरना आता नहीं राहे हक में,
वो नामर्द है मर्द कामिल नहीं है।
हथेली पे हो जिसका सर इसमें कूदे,
ये दुनिया है वो जिसका साहिल नहीं है।
























