ओ३म् नाम नित बोल

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ओ३म् नाम नित बोल

ओ३म् नाम नित बोल, अरे मन बावरिया।

ओ३म् नाम नित बोल,
अरे मन बावरिया।
ओ३म् नाम है प्रभु का प्यारा,
जीवन का है यही सहारा।
जगह-जगह मत डोल,
अरे मन बावरिया।।१।।


हरदम अंग संग है तेरे,
संध्या कर ले सांझ सवेरे।
हृदय के पट को खोल,
अरे मन बावरिया । । २ ।।


जीवन अपना सफल बना ले,
वेदों का मार्ग अपना ले।
मानव तन अनमोल,
अरे मन बावरिया।।३।।


मेरा मेरा कहके फूला,
माया में बस प्रभु को भूला।
बजे कान पे ढोल,
अरे मन बावरिया।।४।।


सिर पर मृत्यु देती फेरा, ‘
राघव’ अमर नहीं तन तेरा।
होय बिस्तरा गोल,
अरे मन बावरिया।।५।।