कर गए देश का बेड़ा पार
कर गए देश का बेड़ा पार, टंकारे वाले स्वामी ।। टेक ।।
सत्यार्थ प्रकाश बनाया।
काशी को जाय हिलाया।
आया जीत पोप गए हार ।। 1 ।। टंकारे….
जो रामकृष्ण के प्यारे।
हमसे थे दूर बिचारे ।।
करके शुद्धि लिए सुधार ।। 2 ।। टंकारे…….
नारी का मान बढ़ाया।
शिक्षा अधिकार दिलाया ।।
बतलाया वेदों का सार ।। 3 ।। टंकारे……
खुलवाई फिर गौशाला।
विधवाओं का दुख टाला ।।
पाले दलितों के परिवार ।। 4।। टंकारे…
वेदों की बीन बजाई।
पोपों की आफत आई ।।
आई अब ‘नरदेव’ बहार ।। 5 ।। टंकारे….
























