संस्कृति रक्षा, शक्ति संचय एवं सेवा कार्य का प्रेरणादायक अभियान
आज के समय में युवा पीढ़ी अनेक प्रकार की सामाजिक, मानसिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। आधुनिकता की दौड़ में युवाओं का झुकाव धीरे-धीरे अपनी संस्कृति, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है। ऐसे समय में युवाओं को सही दिशा, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति एवं चरित्र निर्माण की प्रेरणा देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। इसी महान उद्देश्य को लेकर आर्यवीर दल मध्यप्रदेश, विदर्भ द्वारा “प्रांतीय चरित्र निर्माण एवं व्यायाम प्रशिक्षण शिविर 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह प्रेरणादायक शिविर 16 मई 2026 से 25 मई 2026 तक सेंटमेरी आवासीय स्कूल, गल्ला मंडी, मंडी थाने के पास, सीहोर (मध्यप्रदेश) में आयोजित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शारीरिक रूप से सुदृढ़, मानसिक रूप से जागरूक, आध्यात्मिक रूप से संस्कारित तथा सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
यह शिविर केवल एक साधारण प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त अभियान है। शिविर के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना, राष्ट्रप्रेम एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य
इस शिविर का सबसे बड़ा उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं से जोड़ना है। वर्तमान समय में समाज में बढ़ती नकारात्मकता, नशाखोरी, अनुशासनहीनता एवं सामाजिक विघटन जैसी समस्याएँ युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में यह शिविर युवाओं को सकारात्मक सोच एवं राष्ट्रहित की भावना से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा।
शिविर में युवाओं को यह सिखाया जाएगा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण केवल शिक्षित युवाओं से नहीं, बल्कि संस्कारवान, अनुशासित एवं चरित्रवान युवाओं से होता है।
इस शिविर के माध्यम से युवाओं में निम्न गुणों का विकास किया जाएगा —
- राष्ट्रभक्ति एवं देश सेवा की भावना
- अनुशासन एवं समय पालन
- नेतृत्व क्षमता एवं आत्मविश्वास
- शारीरिक एवं मानसिक
- आत्मरक्षा एवं साहस
- वैदिक संस्कृति एवं नैतिक शिक्षा
- समाज सेवा एवं सहयोग भावना
शिविर में दिए जाने वाले प्रमुख प्रशिक्षण
शिविर में युवाओं को विभिन्न प्रकार के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं के संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना है।
शारीरिक प्रशिक्षण
प्रतिभागियों को शरीर को स्वस्थ एवं मजबूत बनाने हेतु विशेष व्यायाम प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें दंड-बैठक, दौड़, योगाभ्यास, शाखा संचालन एवं लाठी प्रशिक्षण शामिल रहेगा। नियमित व्यायाम के माध्यम से युवाओं में आत्मबल एवं आत्मविश्वास का विकास होगा।

आत्मरक्षा प्रशिक्षण
आज के समय में आत्मरक्षा का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। शिविर में युवाओं को साहस एवं सुरक्षा की दृष्टि से विशेष आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा ताकि वे किसी भी परिस्थिति में स्वयं की रक्षा कर सकें।
वैदिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा
शिविर में वैदिक मंत्र, यज्ञ, संस्कार, प्रेरणादायक प्रवचन एवं नैतिक शिक्षा के माध्यम से युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। युवाओं को सत्य, सेवा, त्याग एवं राष्ट्रहित के मूल्यों का महत्व समझाया जाएगा।
बौद्धिक एवं प्रेरणादायक सत्र
विभिन्न विद्वानों एवं समाजसेवियों द्वारा राष्ट्र निर्माण, युवा जागरण, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं चरित्र निर्माण जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। इन सत्रों के माध्यम से युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
शिविर की विशेषताएँ
यह शिविर युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक विशेष मंच है। शिविर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं —
- अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण
- अनुशासित एवं संस्कारित वातावरण
- शारीरिक एवं मानसिक विकास का अवसर
- राष्ट्रभक्ति एवं सेवा भावना का विकास
- वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार
- आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का निर्माण
- सामूहिक जीवन एवं सहयोग भावना का विकास
यह शिविर युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं देगा, बल्कि उन्हें जीवन को सही दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी प्रदान करेगा।
शिविर स्थल एवं आवश्यक जानकारी
शिविर का आयोजन —
सेंटमेरी आवासीय स्कूल, गल्ला मंडी, मंडी थाने के पास, सीहोर (मध्यप्रदेश) में किया जाएगा।
सीहोर रेलवे स्टेशन से शिविर स्थल की दूरी लगभग आधा किलोमीटर तथा बस स्टैंड से लगभग 2 किलोमीटर बताई गई है।
शिविर में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए कुछ आवश्यक निर्देश निर्धारित किए गए हैं —
- प्रतिभागियों की आयु 15 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- प्रतिभागी कम से कम कक्षा 6वीं उत्तीर्ण होना चाहिए।
- प्रत्येक प्रतिभागी अपने साथ —
- चादर
- कॉपी एवं पेन
- लाठी
- सफेद गणवेश
- सफेद जूते एवं मोजे
अवश्य लेकर आए।
- शिविर शुल्क ₹300/- निर्धारित किया गया है।
- सभी प्रतिभागियों को 15 मई 2026 शाम 4 बजे तक शिविर स्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा।
प्रमुख मार्गदर्शक एवं अतिथि
इस शिविर में अनेक विद्वानों, समाजसेवियों एवं आर्य समाज के प्रमुख पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। प्रमुख नाम निम्नलिखित हैं —
- श्रद्धेय स्वामी ऋतस्पति जी (संरक्षक गुरुकुल नर्मदापुरम)
- श्री प्रकाश जी आर्य
- श्री हरिशंकर जी आर्य
- श्री देवप्रकाश जी अर्जुन
- श्री लक्ष्मीनारायण जी
संगणीय उपप्रधान
- सूर्य प्रकाश जी आर्य
- परमाल सिंह जी कुशवाहा
- मानसिंह जी यादव
- लक्ष्मीनारायण जी आर्य
- दक्षदेव जी गौड
- समीर जी गांधी
संगणीय उप मंत्री
- ओम प्रकाश जी आर्य
- राम प्रकाश जी वर्मा
- डॉ. सत्य प्रकाश जी आर्य
- प्रकाश जी उपाध्याय
व्यायाम शिक्षक
- सुरेन्द्र आर्य (प्रधान व्यायाम शिक्षक)
- राजकुमार आर्य
- बालाराम आर्य
- नरेश आर्य
शिविर संरक्षक
- श्री अखिलेश जी राय (समाजसेवी)
- श्री सुदेश राय (विधायक)
- श्री प्रिंस राठौर (नपा अध्यक्ष)
संपर्क सूत्र
किसी भी प्रकार की जानकारी हेतु निम्न मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है —
- श्री नरेंद्रचन्द्र आर्य – 9893711684
- श्री ओमप्रकाश आर्य – 9752482933
- श्री रवि कुशल – 9827759459
- श्री भारत सोनी – 9893749251
- श्री नीलेश आर्य – 9827840390
- श्री राघव गौड़ – 9907449512
निष्कर्ष
“प्रांतीय चरित्र निर्माण एवं व्यायाम प्रशिक्षण शिविर 2026” युवाओं के उज्ज्वल भविष्य एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं सराहनीय पहल है। यह शिविर युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति, आत्मविश्वास, सेवा भावना एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा।
आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो शारीरिक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से जागरूक और नैतिक रूप से श्रेष्ठ हों। आर्यवीर दल द्वारा आयोजित यह शिविर निश्चित रूप से युवाओं को नई दिशा, नई ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच प्रदान करेगा तथा उन्हें समाज एवं राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनने हेतु प्रेरित करेगा।
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