प्रांतीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण शिविर 2026: वैदिक संस्कृति, शक्ति और व्यक्तित्व विकास का अनूठा संगम
संस्कृति का संरक्षण | शक्ति का संचय | ओ३म् | महर्षि दयानंद सरस्वती
आर्य वीर दल पूर्वी उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में प्रांतीय आर्य वीरांगना चरित्र निर्माण शिविर 2026 का आयोजन बलिया (उत्तर प्रदेश) में किया जा रहा है। यह शिविर विशेष रूप से युवतियों के चरित्र निर्माण, शारीरिक सशक्तिकरण, वैदिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया है।
इस आयोजन में आर्य वीरांगना दल की प्रमुख भूमिका है तथा स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती के आदर्शों को केंद्र में रखकर कार्यक्रम तैयार किया गया है। विशेष सहयोग जिला आर्य प्रतिनिधि सभा एवं आर्य वीरांगना दल बलिया द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
शिविर की तिथि, समय और स्थान
- दिनांक: 17 जून से 24 जून 2026
- वैदिक तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया से दशमी, वि.सं. 2083
- उद्घाटन समारोह: 17 जून, सुबह 10:00 बजे (ध्वजारोहण)
- समापन/दीक्षांत समारोह: 24 जून, दोपहर 3:30 बजे (मार्शल आर्ट प्रदर्शन सहित)
स्थान:
डॉ. राम विचार रामरथी सरस्वती बालिका विद्यालय,
रामपुर उदयभान, बलिया, उत्तर प्रदेश
मुख्य अतिथि एवं विद्वान
इस शिविर में कई प्रतिष्ठित विद्वान एवं अतिथि शामिल होंगे, जिनमें प्रमुख हैं:
- श्री विनय आर्य (महामंत्री, दिल्ली आर्य प्रतिनिधि सभा)
- डॉ. राकेश कुमार आर्य (संपादक, उगता सूरज दैनिक)
- श्री अम्बरीश सिंह ‘भोला’ (सदस्य, वाराणसी विकास प्राधिकरण)
प्रशिक्षक एवं विद्वान:
स्वामी शिवानन्द सरस्वती, नयन श्री प्रज्ञा, कृष्णा आर्य, दीपिका आर्या आदि
शिविर का उद्देश्य
इस आर्य वीरांगना शिविर का मुख्य उद्देश्य ऐसी युवतियों का निर्माण करना है जो:
- शारीरिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर हों
- वैदिक संस्कृति और संस्कारों से युक्त हों
- परिवार और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी बनें
माता को सृष्टि की प्रथम शिक्षिका मानते हुए यह शिविर भविष्य की पीढ़ियों के निर्माण का आधार तैयार करता है। यह केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभियान है।
प्रशिक्षण और गतिविधियाँ
शिविर में प्रतिभागियों को निम्नलिखित विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा:
- योग, प्राणायाम और ध्यान
- मार्शल आर्ट, जूडो-कराटे, मल्लखंभ
- छड़ी, भाला, तलवार प्रशिक्षण
- व्यक्तित्व विकास और जीवन प्रबंधन
- स्मरण शक्ति एवं तनाव प्रबंधन
- महर्षि दयानंद सरस्वती और आर्य समाज विचार
- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम
- श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्श चरित्र



पात्रता और नियम
- आयु: 13 से 25 वर्ष
- न्यूनतम शिक्षा: कक्षा 7
- अनुशासन अनिवार्य
आवश्यक सामग्री:
सफेद सलवार सूट, नारंगी दुपट्टा, जूते, नोटबुक, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ
पंजीकरण और शुल्क
- आर्य वीरांगना श्रेणी: ₹500
- शाखा नायिका श्रेणी: ₹600
- ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य (सीटें सीमित)
महत्वपूर्ण निर्देश
- मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित
- 16 जून शाम 4 बजे तक उपस्थिति अनिवार्य
- आधार कार्ड और फोटो साथ लाना जरूरी
- अनुशासनहीन प्रतिभागियों का प्रवेश वर्जित
IFSC – CNRB006400, UPI ID : 123998627001832@cnrb
केनरा बैंक, आर्य समाज रोड, बलिया
आमंत्रण संदेश
समस्त अभिभावकों, माताओं और भाइयों से निवेदन है कि अपनी बेटियों को इस शिविर में भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करें। यह शिविर उन्हें संस्कार, आत्मविश्वास और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत करेगा
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