आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर

0
4
आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर

दयानन्द बावनी
कवि : दुलैराय काराणी


अन्तिम इच्छा


आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर।
वैद्यो नारायणो हरिः ऐसो वक्त आयो है।।

अंतिम बिदाई को दीपावली अंतिम दिन।
दीपन को दिन आज शोक में समायो है।।

बीसवीं सदी के उनतालीसवें वर्ष आज।
दीपमालिका में देश-दीपक बुझायो है।।

ज्योति वक्त भारत में ज्योति के जगाए दीप।
परम ज्योति में आत्म-ज्योति को मिलायो है।।३९।।