जहर

आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर

दयानन्द बावनीकवि : दुलैराय काराणी अन्तिम इच्छा आए अजमेर वहाँ जहर ने लिया घेर।वैद्यो नारायणो हरिः ऐसो वक्त आयो है।। अंतिम बिदाई...
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