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सत्यार्थ प्रकाश
कैधों अवनि को एक अजर-अमर ग्रन्थ।कैधों आर्य समाज को आत्म उल्लास है।।
कैधों अनमोल महा रत्नों को रत्नाकर की।वेद को...
शेर बब्बर था
भारत के नरवर जगत के गुरुवर।पुरुष-प्रवर तू प्रखर वीरवर था।।
नेता नर नाहर तू अडग गिरिवर तू।सदा सुखकर तू...
बल दल
दया-बल, मया-बल विमल विनोद बल।वेद शास्त्र बल का सबल शस्त्र बल था।।
विद्या बल वाणी बल युक्ति प्रयुक्ति का बल।पूर्ण...
ऊपर को उठ-उठकर अग्नि करती हमें इशारामुखड़ा
ऊपर को उठ-उठकर अग्नि करती हमें इशारा।जीवन में ऊपर को उठना है कर्तव्य हमारा॥...
ऐसी कृपा हो भगवान्, घर-घर में यज्ञ हवन हो।वर्षा हो शान्ति की, सुख की भरी पवन हो। टेक॥
उपकार हो सभी...
वसन्ततिलका छन्दः
श्लोकः
उद्योगिनं पुरुषसिंहमुपैति लक्ष्मीःदैवेन देयमिति कापुरुषा वदन्ति।दैवं निहत्य कुरु पौरुषमात्मशक्त्यायत्ने कृते यदि न सिध्यति कोऽत्र दोषः॥
अर्थ:निरन्तर उद्योग (परिश्रम) करने वाले...
वसन्ततिलका छन्दः
जाड्यं धियो हरति सिंचति वाचि सत्यम्,मानोन्नतिं दिशति पापमपाकरोति।चेतः प्रसादयति दिक्षु तनोति कीर्तिम्,सत्संगतिः कथय किं न करोति पुंसाम्॥
अर्थ:सत्संगति (अच्छे लोगों...
वसन्ततिलका छन्दः
भिक्षाऽशनं तदपि नीरसमेकवारंशय्या च भूः परिजनो निजदेहमात्रम्।वस्त्रं च जीर्णशतखण्डमयी च कन्था,हा-हा तदपि विषयान्न परित्यजन्ति।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. २६)
भावार्थ- भिक्षा का...
वसन्ततिलका छन्दः
प्रारभ्यते न खलु विघ्नभयेन नीचैः,प्रारभ्य विघ्नविहता विरमन्ति मध्याः।विघ्नैः पुनः पुनरपि प्रतिहन्यमानाः,प्रारभ्य चोत्तमजना न परित्यजन्ति।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. २६)
भावार्थ- नीच अधम...
वसन्ततिलका छन्दः
व्याघ्रीव तिष्ठति जरा परितर्जयन्ती,रोगाश्च शत्रव इव प्रहरन्ति देहम्।आयुः परिस्रवति भिन्नघटादिवाम्भो,लोकस्तथाप्यहितमाचरतीति चित्रम्।।(भर्तुहरिकृत- वैराग्यशतक, श्लो. ९६)
भावार्थ- शेरनी के समान भयभीत करने...
वसन्ततिलका छन्दः
मत्तेभकुम्भदलने भुवि सन्तिः शूराः,केचित् प्रचण्ड-मृगराज-वधेऽपि दक्षाः।किन्तु ब्रवीमि बलिनां पुरतः प्रसह्य,कन्दर्पदर्पदलने विरला मनुष्याः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो.५८)
भावार्थ- मैं मानता हूं कि संसार...
वसन्ततिलका छन्दः
निन्दन्तु नीतिनिपुणा यदि वा स्तुवन्तु,लक्ष्मीः समाविशतु गच्छतु वा यथेष्टम्।अद्यैव वा मरणमस्तु युगान्तरे वा,न्याय्यात् पथः प्रविचलन्ति पदं न धीराः।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक,...
शिखरिणी छन्दः
शवाकारं यावद्भजति मनुजस्तावदशुचिःपरेभ्यः स्यात्क्लेशो जननमरणव्याधिनिलयः।यदात्मानं शुद्धं कलयति शिवाकारमचलंतदा तेभ्यो मुक्तो भवति हि तदाह श्रुतिरपि॥३६७॥
॥ विवेकचूडामणि ॥
अर्थ: श्रुति भी यही...
शिखरिणी छन्दः
वयं येभ्यो जाताश्चिरपरिगता एव खलु तेसमं यैः संवृद्धाः स्मृतिविषयतां तेऽपि गमिताः।इदानीमेते स्मः प्रतिदिवसमासन्नपतनागतास्तुल्यावस्थां सिकतिलनदीतीरतरुभिः॥३४॥
॥ वैराग्यशतकम् ॥
अर्थ: जिन माता-पिता से...
शिखरिणी छन्दः
करे श्लाध्यस्त्यागः शिरसि गुरुपादप्रणयितामुखे सत्या वाणी विजयि भुजयोर्वीर्यमतुलम्।हृदि स्वच्छा वृत्तिः श्रुतमधिगतं च श्रवणयोःविनाऽप्यैश्वर्येण प्रकृतिमहतां मण्डनमिदम्॥६१॥
॥ भर्तृहरि नीतिशतकम् ॥
अर्थ: सुपात्र...
शिखरिणी छन्दः
आराध्यः स्वामी तुरगलचित्ता क्षितिभुजोवयं तु स्थूलेच्छा महति च पदे बद्धमनसः।जरा देहं मृत्युर्हरति सकलं जीवितमिदंसखे नान्यच्छ्रेयो जगति विदुषोऽन्यत्र तपसः॥४८॥
॥ वैराग्यशतकम्...
शिखरिणी छन्दः
दयाया आनन्दो विलसति परः स्वात्मविदितःसरस्वत्यस्याग्रे निवसति हिता हीशशरणा।इयं ख्यातिर्यस्य प्रततसुगुणा वेदमननास्त्यनेनेदं भाष्यं रचितमिति बोद्धव्यमनघाः॥३॥
॥ ऋग्वेदादिभाष्यभूमिकारम्भे ॥
अर्थ : दया का...
शिखरिणी छन्दः
अजानन् दाहिर्तिं पतति शलभो दीपदहने,स मीनोप्यज्ञानाद् बडिशयुतमश्नाति पिशितम्।विजानन्तोऽप्येते वयमिह विपज्जालजटिलान्,न मु९चामः कामानहह ! गहनो मोहमहिमा।।(भर्तृहरिकृत- वैराग्यशतक, श्लो. २०)
भावार्थ- अग्नि...
शिखरिणी छन्दः
मही रम्या शय्या विपुलमुपधानं भुजलता,वितानं चाकाशं व्यजनमनुकूलोऽयमनिलः।स्फुरद्दीपश्चन्द्रो विरति वनिता संगमुदितः,सुखं शान्तः शेते मुनिरतनुभूतिर्नृप इव।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. ७१)
भावार्थ- मुनियों के...
अनुष्टुप् छन्दः
न जातु कामः कामानामुपभोगेन शाम्यति।हविषा कृष्णवर्त्मेव भूय एवाभिवर्धते।।
भावार्थ- विषय-वासनाएं विषयों को भोगने से नष्ट नहीं होतीं, बल्कि और अधिक...
शिखरिणी छन्दः
यदा कि९िचज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवम्,तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलिप्तं मम मनः।यदा कि९िचत् कि९िचद् बुधजनसकाशादवगतं,तदा मूर्खोऽस्मीति ज्वर इन मदो मे व्यपगतः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक,...
अनुष्टुप् छन्दः
प्रत्यहं प्रत्यवेक्षेत नरश्चरितमात्मनः।किन्नु मे पशुभिस्तुल्यं किन्नु सत्पुरुषैरिति। (शारंगधर संहिता)
भावार्थ- मनुष्य को चाहिए, वह प्रत्येक दिन आत्मनिरीक्षण करके पता लगावे...
अनुष्टुप् छन्दः
नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावकः।न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुतः।। (गीता २-२३)
भावार्थ- इस शरीर के प्रयोक्ता जीवात्मा को...
अनुष्टुप् छन्दः
स्थानाद्बीजादुपष्टम्भान्निःस्यन्दान्निधनादपि।कायमोधेयशौचत्वात् पण्डिता ह्यशुचिं विदुः।।(योग. व्यास. २-५)
भावार्थ- गर्भाशय में उत्पन्न होने से, रजवीर्य से बना होने से, खाए हुए पदार्थों...
अनुष्टुप् छन्दः
अक्रोधेन जयेत्क्रोधमसाधुं साधुना जयेत्।जयेत् कदर्यं दानेन सत्येनानृतवादिनम्।।
भावार्थ- क्रोधी मनुष्य को प्रेम से जीते, दुष्ट मनुष्य को उपकार से अर्थात्...
अनुष्टुप् छन्दः
आत्मानं रथिनं विद्धि शरीरं रथमेव तु।बुद्धिं तु सारथिं विद्धि मनः प्रग्रहमेव च।।इन्द्रियाणि हयानाहुर्विषयांस्तेषु गोचरान्।आत्मेन्द्रियमनोयुक्तं भोक्तेत्याहुर्मनीषिणः।। (कठो. १-३-३, ४)
भावार्थ- आत्मा...
अनुष्टुप् छन्दः
मनस्यन्यद् वचस्यन्यत् कर्मण्यन्यद् दुरात्मनाम्।मनस्येकं वचस्येकं कर्मण्येकं महात्मनाम्।।
भावार्थ- बुरे मनुष्य के मन में कुछ और होता है, वाणी से कुछ...
भिद्यते हृदयग्रन्थिश्छिद्यन्ते सर्वसंशयाः।क्षीयन्ते चास्य कर्माणि तस्मिन्दृष्टे परावरे।। (मुण्डकोपनिषद् २-१-१८)
भावार्थ- ईश्वर का साक्षात्कार होने पर आत्मा की अविद्या नष्ट हो...
अनुष्टुप् छन्दः
ध्यायतो विषयान्पुंसः संगस्तेषूपजायते।संगात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते।।क्रोधाद् भवति संमोहः संमोहात्समृतिविभ्रमः।स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति।।(गीता. २-६२, ६३)
भावार्थ- विषयों का ध्यान करने से ध्येय वस्तु...
लाखों घर बरबाद हो गए
लाखों घर बरबाद हो गए,इस दहेज की बोली में।अर्थी चढ़ी हजारों कन्या,बैठ न पाई डोली में॥टेक॥
कितनों...
मन्दाक्रान्ता छन्दः
घृष्टं घृष्टं पुनरपि पुश्चन्दनं चारु गन्धं,छिन्नं छिन्नं पुनरपि पुनः स्वादु चैवेक्षुदण्डम्।दग्धं दग्धं पुनरपि पुनः का९चनं कान्तवर्णं,प्राणान्तेऽपि प्रकृतिविकृतिर्जायते नोत्तमानाम्।।भावार्थ- चन्दन...
वसन्ततिलका छन्दः
मत्तेभकुम्भदलने भुवि सन्तिः शूराः,केचित् प्रचण्ड-मृगराज-वधेऽपि दक्षाः।किन्तु ब्रवीमि बलिनां पुरतः प्रसह्य,कन्दर्पदर्पदलने विरला मनुष्याः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक, श्लो.५८)
भावार्थ- मैं मानता हूं कि संसार...
शिखरिणी छन्दः
क्वचिद् भूमौ शय्या क्वचिदपि च पर्यङ्कशयनं,क्वचिच्छाकाहारी क्वचिदपि च शाल्योदनरुचिः।क्वचित्कन्थाधारी क्वचिदपि च दिव्याम्बरधरो,मनस्वी कार्यार्थी न गणयति दुःखं न सुखम्।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक,...
गंगातीरे हिमगिरिशिला-बद्धपद्मासनस्य
गंगातीरे हिमगिरिशिला-बद्धपद्मासनस्य,ब्रह्मध्यानाभ्यसनविधिना योगनिद्रां गतस्य।किं तैर्भाव्यं मम सुदिवसैर्यत्र ते निर्विशंकाः,कण्डूयन्ते जरठहरिणाः स्वांगमंगे मदीये।।(भर्तृहरिकृत- नीतिशतक, श्लो. ३७)
भावार्थ- प्राचीन काल में लोगों...
शिखरिणी छन्दः
यदा किञ्चिज्ज्ञोऽहं द्विप इव मदान्धः समभवम्,तदा सर्वज्ञोऽस्मीत्यभवदवलिप्तं मम मनः।यदा कि९िचत् कि९िचद् बुधजनसकाशादवगतं,तदा मूर्खोऽस्मीति ज्वर इन मदो मे व्यपगतः।।(भर्तुहरिकृत- नीतिशतक,...
येषां न विद्या न तपो न दानं
येषां न विद्या न तपो न दानं,ज्ञानं न शीलं न गुणो न धर्मः।ते मर्त्यलोके...
मालिनी छन्दः
उदयति यदि भानुः पश्चिमे दिग्विभागे,प्रचलति यदि मेरुः शीततां याति वह्निः।विकसित यदि पद्मं पर्वताग्रे शिलायाम्,न भवति पुनरुक्तं भाषितं सज्जनानाम्।।
भावार्थ :...
उठो आर्य वीरांगना
उठो आर्य वीरांगनाआदि सृष्टि की शक्ति भक्ति सी उठो आर्य वीरांगना।काल नहीं तुम महाकाल हो करो मृत्यु का...
अभी तो और बढ़ना है
अभी तो और बढ़ना है, अभी तो और चलना है।हमें तो लक्ष्य पाना है नहीं अभी...
ब्रह्मचर्य नष्ट कर डाला
ब्रह्मचर्य नष्ट कर डाला,कैसा हुआ देश मतवाला।
पवन-पुत्र हनुमान बली ने कैसा बल दिखलाया था,ब्रह्मचर्य के प्रताप...
गुटका तम्बाकूवाला, खुश होकर मुँह में डाला।गुटके ने लेली कितनी जान,संभल जा संभल जा नौजवान॥टेक॥
पीला है चेहरा उसका, सूरत है...
ईश्वर की आज्ञा को पालो
ईश्वर की आज्ञा को पालो,करो अग्निहोत्र सब भाई॥टेक॥
द्रव्य सुगन्धित पुष्टिकरण, औषध रोगनिवारक पुण्यदाई।मन्त्र पढ़ो विज्ञान विधारक,...
कभी इसका आना-जाना किसी ने न जाना।
कभी इसका आना-जाना किसी ने न जाना।कहाँ का निवासी है यह, कहाँ है ठिकाना।किसी...
आर्य समाज धनौरा (टीकरी), बागपत का 50वां वार्षिकोत्सव 23 से 25 अक्टूबर तक
बागपत, उत्तर प्रदेश। आर्य समाज धनौरा (टीकरी), बागपत...
चार दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम 2026, बीकानेर में होगा भव्य आयोजन
बीकानेर, राजस्थान: नगर आर्य समाज बीकानेर एवं बीकानेर संभाग के...
आर्य समाज, आयुध निर्माणी (धोड़ा), मुरादनगर (गाजियाबाद)
द्वारा आयोजित भव्य वेद प्रचार कार्यक्रम
वेद प्रचार
(विक्रमी संवत् 2083, कार्तिक कृष्णपक्ष तृतीया से सप्तमी...
सादर निमंत्रण
चार दिवसीय वेद प्रचार एवं स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती एवं स्वामी श्रद्धानन्द जी के वैदिक...
आगामी कार्यक्रम अक्टूबर 2026 | ऋषि मिशन | अंतरराष्ट्रीय भजन सम्राट पंडित दिनेश पथिक जी का कार्यक्रम
अक्टूबर 2026 में अंतरराष्ट्रीय...
आप सभी को यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि माँ भगवती की पावन भूमि बागेश्वर (उत्तराखंड) के...
अक्टूबर माह के कार्यक्रम 2026 | दर्शन योग धाम, गुजरात
दर्शन योग धाम, गांधीनगर, गुजरात में अक्टूबर माह 2026 के लिए...
दर्शन योग धाम के अक्टूबर 2026 के विशेष कार्यक्रम | आचार्य दिनेश कुमार जी एवं आचार्य प्रियेश जी के सानिध्य...
स्वामी श्रद्धानंद बलिदान शताब्दी के उपलक्ष्य में संगीतमय श्री राम कथा एवं वेद प्रचार कार्यक्रम 2026
धौलपुर में आयोजित होगा संगीतमय...
आर्य प्रतिनिधि सभा, हरियाणा के तत्त्वावधान में
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के 114वें स्थापना वर्ष के उपलक्ष्य में
स्वामी श्रद्धानन्द बलिदान शताब्दी समारोह
दिनांक :...
आर्य समाज गगसीना का
31वाँ वार्षिकोत्सव
दिनांक : 13, 14 एवं 15 अक्टूबर 2026 (मंगलवार, बुधवार एवं गुरुवार)
सादर आमंत्रण
आर्य समाज गगसीना का...
सस्नेह निमंत्रण
आर्य समाज किशनपुर–बराल (बागपत)
13वाँ वार्षिकोत्सव
महर्षि दयानन्द सरस्वती की प्रेरणा से आयोजित
धर्मानुरागी एवं राष्ट्रप्रेमी सज्जनों!
धर्मानुरागी, राष्ट्रप्रेमी सज्जनों, आप सभी को...
आर्य समाज के 150 वर्ष एवं नवम वार्षिक महोत्सव और यजुर्वेद ब्रह्म पारायण महायज्ञ 2026
आर्य समाज के 150 वर्ष एवं...
आर्य समाज मोहाली पंजाब का वार्षिकोत्सव 2026 – भव्य वैदिक कार्यक्रम का आयोजन
आर्य समाज मोहाली पंजाब का वार्षिकोत्सव 18 अक्टूबर...
वेद प्रचार महोत्सव 2026, कानपुर नगर | जिला आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा भव्य आयोजन
कानपुर नगर में वेद प्रचार महोत्सव 2026...
वेद प्रचार महोत्सव 2026: आर्य समाज उद्योग नगर में होगा भव्य आयोजन, जानें तारीख और समय
आगरा। महर्षि दयानंद सरस्वती के...
आर्य समाज गंगानगर, मेरठ में 27वाँ वार्षिकोत्सव एवं वेद प्रचार समारोह का आयोजन
मेरठ के गंगानगर स्थित आर्य समाज द्वारा 27वें...
गुरुकुल विश्वभारती रोहतक का 35वां वार्षिक महोत्सव 4-5 नवंबर 2026 को होगा आयोजित
रोहतक, हरियाणा: गुरुकुल विश्वभारती, भैयापुर, लाढौत रोड, रोहतक...
आर्य समाज कृष्णा कालोनी, भिवानी में 56वां 3 दिवसीय वार्षिकोत्सव 23 से 25 अक्टूबर 2026 तक होगा आयोजित
भिवानी। आर्य समाज...
18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं के लिए ब्रह्मचर्य एवं योग गुरुकुल
आज के समय में मोबाइल की बढ़ती लत,...
शरदोत्सव 2026: वैदिक साधना आश्रम तपोवन में विशेष आयोजन
शरदोत्सव 2026 का आयोजन वैदिक साधना आश्रम, तपोवन, नालापानी, देहरादून द्वारा किया...
आर्य समाज ब्यावर का 142वां वार्षिकोत्सव 6 से 9 अक्टूबर तक
ब्यावर। आर्य समाज, ब्यावर की ओर से 142वां वार्षिकोत्सव 6...
आर्य समाज सिकन्दरपुर का 74वाँ वार्षिकोत्सव, 6 से 8 अक्टूबर तक होगा भव्य आयोजन
सिकन्दरपुर। आर्य समाज सिकन्दरपुर द्वारा अपना 74वाँ...
प्रान्तीय आर्य महासम्मेलन 2026: बबराला में होगा तीन दिवसीय भव्य आयोजन
उत्तर प्रदेश के बबराला, जिला सम्भल में प्रान्तीय आर्य महासम्मेलन...
बालवाड़ी शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन समारोह आज, आर्य समाज रानी बाग में होगा
नई दिल्ली में अखिल भारतीय दयानन्द सेवाश्रम...
॥ पावन आमंत्रण ॥
श्रेष्ठतमं कर्म
आर्य समाज सैक्टर-15, सोनीपत
27वां भव्य वार्षिक यज्ञोत्सव 2026
सोमवार, 5 अक्टूबर, 2026 से रविवार, 11 अक्टूबर, 2026
आपके...
वेद प्रचार महोत्सव 2026: कानपुर में आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रम
महर्षि दयानंद सरस्वती के वैदिक विचारों और आर्य समाज के संदेश...
आर्य समाज सेक्टर-15 सोनीपत में 27वां भव्य वार्षिक यज्ञोत्सव 2026 का आयोजन
आर्य समाज सेक्टर-15, सोनीपत द्वारा 27वां भव्य वार्षिक यज्ञोत्सव...
आर्य समाज मंदिर सेक्टर-13 करनाल का 42वां वार्षिकोत्सव 2026, जानें पूरा कार्यक्रम
आर्य समाज मंदिर, सेक्टर-13, करनाल द्वारा अपना बयालीसवां (42वां)...
आर्य स्त्री समाज द्वारा “वेदों का आलोक” पंच दिवसीय वेद प्रचार समारोह का आयोजन
नई दिल्ली: आर्य स्त्री समाज की ओर...
ARYA PRAGATI SCHOLARSHIP
An initiative of Arya Samaj
Supported by Arya Pratinidhi Sabha America and Arya Samaj Greater Houston
INVITATION
We cordially invite your...
ध्यान योग साधना सत्र
योग से स्वस्थ मन, शांत जीवन
स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक जी, गुजरात द्वारा विशेष ध्यान एवं साधना सत्र का...
आर्य समाज
बी.बी.एम.बी. कॉलोनी, सुन्दरनगर
56वाँ वार्षिकोत्सव समारोह
बड़े हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं भक्ति-भाव के साथ मनाया जा रहा है।
इस पावन अवसर पर आर्य...
युवा जागरण अभियान: स्वस्थ, संस्कारित और सशक्त युवाओं की दिशा में पहल
युवा जागरण अभियान आज के युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली,...
गुरुदेव प्रतिज्ञा है मेरी
गुरुदेव प्रतिज्ञा है मेरीपूरी कर के दिखला दूँगा।इस वैदिक धर्म की वेदी परमैं जीवन भेंट चढ़ा दूँगा।गुरुदेव...
गेह की शोभा
गेह की शोभा है दीप से,देह की नैन से,राजा की राज से शोभा ।।
कूप की नीर से,धेनु की...
गौ-रक्षा हो, गौ-रक्षा हो
गौ-रक्षा हो, गौ-रक्षा हो !भारत में हे भारतवालो !गौ-रक्षा हो, गौ-रक्षा हो ।हे आर्य जाति के प्रिय...
गति जीव आत्मा की
गति जीव आत्मा की कोई समझाए।कहाँ से यह आए, कहाँ लौट जाए।कहाँ लौट जाए। टेक।। गति जीव....
कभी...
गौ माता करे पुकार
गौ माता करे पुकारदुःखी मन तड़प रही।बेकस बेबस लाचारदुःखी मन तड़प रही।
सबको अमृत दूध पिलावे।सबकी जीवन जोत...
खुशी आने से पहले
खुशी आने से पहले जाने को तैयार रहती है।गमी आकर सदा इन्सान को गमखार रहती है।खुशी दहलीज...
गर भला किसी का
गर भला किसी का कर न सको तो बुरा किसी का मत करना।अमृत का घूँट पिला न...
खुल गई, खुल गई रे
खुल गई, खुल गई रे पोपों की सारी पोल।ऋषिवर तेरे आने से ।।पीर और पैगम्बर सारे...
खुदगर्जी के दिलों में
खुदगर्जी के दिलों में तूफान नजर आते हैं।सपनों में भी पराए नुक्सान नजर आते हैं।
अपना ही उल्लू...
खुशी नगर में हुई (नामकरण संस्कार)
खुशी नगर में हुई, निर्धन को दौलत पा गई,सुन्दर बालक मिला बड़ी हरषाई है,बनी सपूती...
किसी से तेरा पार
किसी से तेरा पार जाए न पाया।तू बेअन्त है तेरी बेअन्त माया।
तेरी लगन ही योगियों को सताए।तपस्वी...
कौन निराश्रित
दुखी कौन निराश्रित,दीन विधवा व अनाथ को धीर बँधाता?
पादरी मुल्लों के चंगुल से,प्रिय राम की संतति कौन बचाता?
शुद्धि का...
कैसे जानेंगे भगवान् को
कैसे जानेंगे भगवान् को नर पापी हो गये।मन मंदिर में कभी किसी दिन झाडू नहीं लगाया।दुर्गुण दुर्व्यसनों...
कौन कहता आर्य जन
कौन कहता आर्य जन कुछ भी न कर दिखला रहे।आज ऋषिवर की बताई, राह पर सब आ...
कर्म खोटे तो ईश्वर
कर्म खोटे तो ईश्वर का भजन करने से क्या होगा,किया परहेज कुछ भी न, दवा खाने से...
कर गए देश का बेड़ा पार
कर गए देश का बेड़ा पार, टंकारे वाले स्वामी ।। टेक ।।
सत्यार्थ प्रकाश बनाया।काशी को...
#श्रेयांश_आर्य
हाल ही में शचींद्र शर्मा नामक युवक ने आर्य समाज के विरुद्ध दुष्प्रचार करने वाली एक पुस्तक अनार्योन्मूलन लिखी, जिसे...
आत्मोन्नति नारी नव चेतना केंद्र के तत्वावधान में हवन एवं सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में...
कैसे होवेगा कल्याण
कैसे होवेगा कल्याण,आज नर-नार हैं दुखी।।टेक।
किसी समय सब देश निवासी प्रतिदिन हवन रचाते।सामग्री हर ऋतु की अपने हाथों...
करो न कभी दौलत का झूठा अभिमान
करो न कभी दौलत का झूठा अभिमान।कुचल के रख दे अभिमानी को।ईश महा-बलवान।।टेक।
दौलत से...
कर ओ३म् नाम से प्यार
कर ओ३म् नाम से प्यार,जगत में कोई नहीं अपना।।टेक।
जब तक आती-जाती श्वासा,तब तक दुनिया बीच तमाशा।जिस...
कब तक शराब (मद्यपान-निषेध)
कब तक शराब की ये पीते रहोगे प्याली?करते रहोगे कब तक आबाद गन्दी नाली?पीने पै घूँट, होतीं...
क्या करना हमको
क्या करना हमको, कर बैठे क्या आज।।टेक।
वेद प्रचारक ऋषि दयानन्द ने आवाज लगाई थी।आर्य जाति जो सोई थी...


































































































