ईश्वर की महिमा अपरम्पार है।

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ईश्वर की महिमा अपरम्पार है।

तर्ज – साजन मेरा उस पार है…….

ईश्वर की महिमा अपरम्पार है।
किसी को ना पाया उसका पार है।

मोज़िजा खेल वही दिखलाता है
हर एक प्राणी को वो ही भाता है
“सचिन” निराला उसका सार है
किसी को ना पाया उसका पार है

मालिक सृष्टि का वो कहलाता है
नैंया हम सबकी पार लगाता है
सारी दुनियाँ का वो आधार है
किसी को ना पाया उसका पार है

चोला मानव का हमने पाया है
वर है प्रभु का उसकी माया है
उसकी ही रचना ये संसार है
किसी को ना पाया उसका पार है

पल भर में कष्ट सभी हर लेता है
जीवन को खुशियों से भर देता है
सन्तों ने मानी उससे हार है
किसी को ना पाया उसका पार है