अब वीर जवानो जाग उठो
अब वीर जवानो जाग उठो
पहनो केसरिया बाना
जो देश को महान् बनाना-2
एक हाथ में खंजर पैना
एक में वेद उठाना जो
देश को महान् बनाना-2
स्वप्न पूर्ण करें दयानन्द का,
यह है लक्ष्य हमारा।
आर्यों का वह राज्य चाहते
और वेदों का नारा।
ओ३म् का झण्डा हाथ में
लेकर वैदिक नाद बजाना जो देश….।
नेतृत्व करे संन्यासी मुनि
और ठीक मार्ग अपनाए।
आर्य राष्ट्र सच्चे अर्थों में
तब हो तो बन पाए।
‘चन्द्रदेव’ यह नियम समझकर
गऊ के प्राण बचाना जो देश…..
अंत ऋषि का होने से,
भारी नुकसान हुआ है।
आर्यसमाज के दीवानों ने,
अब यह ध्यान दिया है।
मर मिट जायें देश की खातिर,
बनकर के परवाना जो देश….।
आर्यवीरो सारे मिलकर,
लो हाथ में ओ३म् पताका।
निकल पड़ो अब ताल ठोककर,
लेकर पात्र सुधा का।
वेद धर्म को अपनाकर उसे,
ठीक-ठीक समझाना-जो देश…।










