नर तेरा चोला रतन अमोला
नर तेरा चोला रतन अमोला,
वृथा खौव मतना।
बांध लंगोटा होजा तगड़ा,
सब दुनियां का यूं ही झगड़ा।
सीधा पड़ा मोक्ष का दगड़ा
अवसर खोवै मतना…।
भाई तुझे देह मिली है नर की,
भक्ति नहीं करी ईश्वर की।
सुध-बुध भूल गया उस घर की,
नींद में सोवै मतना….।
भाई तेरे पिछले जन्म की करणी,
वो तनै पड़ेगी सारी भरणी।
वेदां के मा यूं ही वरणी,
गाफिल होवै मतना….।
देख यति मुनि फकर मैं,
फंस गए माया के चक्कर में।
किश्ती आन पड़ी टक्कर में,
नाव डुबोवै मतना….।










