कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए।
कुछ नहीं करुणानिधान चाहिए।
एक तेरी दया दयावान चाहिए।
क्या कहें उसे जो तेरा नाम ना जपे।
होकर के मग्न सुबह शाम ना जपे।
ऐसी ना ‘बेमोल’ जुबान चाहिए
एक तेरी दया दयावान चाहिए।
धन की लगन नहीं मन में समाये।
जिसके नशे में तेरा नाम भूल जाए।
ऐसा ना कोई सामान चाहिए-
एक तेरी दया दयावान चाहिए।
आदमी ना माने पर मानना पड़े।
झोंपड़ी में जिन्दगी बिताना जो पड़े।
कोठी ना बंगला मकान चाहिए-
एक तेरी दया दयावान चाहिए।
दुनिया सताए तो सताने दीजिए।
दिल भी दुखाए तो दुखाने दीजिए।
मेहरबान तू ही मेहरबान चाहिए-
एक तेरी दया दयावान चाहिए।










