आर्य समाज भजन

दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।

छोड़ दो (तर्ज-है बहारे बागे दुनियाँ चन्द रोज़) दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।दिल जलों के दिल जलाना छोड़ दो...
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क्या जाने (तर्ज-आँखों में खुशी छा जाती है) बातें जो बनाया करते हैंवो करके दिखाना क्या जानें।करने की लगन जिनके मन मेंवो...
धन से प्रीति (तर्ज - ऐ जाने चमन तेरा गोरा बदन) रहने को भवन वस्तर भोजन सुख धन से मिलें हज़ार ।क्यों...
अनमोल जीवन तेरा जीवन है अनमोल रे तेरा जीवन है अनमोल।इसे विषयों में न रोल रे तेरा जीवन है अनमोल। १. कभी...
शराब की नदियाँ चार मुक्तक (रुबाईयाँ) १. हालत हमारे देश की जिसने ख़राब की।ऐसी ख़राब की है कि बस बेहिसाब की।बहती थीं...
मन का दीया (तर्ज-या ख़ुदा सोई किस्मत जगा दे) ज़िन्दगी का सफ़र करने वाले ।अपने मन का दीया तो जला ले। १. वक्त...
कमाई देख ले (तर्ज-कैसे कैसे यह जलवे दिखाए रामजी) तूने कर ली है कितनी कमाई देख ले।हुआ फ़ायदा या घाटा ओ भाई...
इक दीया जलता हुआ लाखों जलाएगा। (तर्ज-या मेरी मन्जिल बता या ज़िन्दगी को छीन ले) इक दीया जलता हुआ लाखों जलाएगा।पर बुझे...
हीरा जीवन है अनमोल (तर्ज-तेरे पूजन को भगवान बना मन मन्दिर आलीशान) हीरा जीवन है अनमोल इसे यों मिट्टी में न...
दुनियाँ की हालत (तर्ज-मयखाना तो छूट गया दर छूटे न मयख़ाने का) क्या कहूँ दुनियाँ की हालत लग गई बीमारी है।उड़ चली...
सब खा गये मिर्च मसाला (तर्ज-ओम् का झण्डा आया) अजगर बन कर लाला। सब खा गये मिर्च मसाला।कर गड़बड़ घोटाला। सब खा...
कर ओम् नाम का जाप (तर्ज- बुरा जो देखन मैं चला) १. कर्मशील इनसान कर ओम् नाम का जाप।ओम् नाम के जाप...