आर्य समाज भजन

कण कण में बसा प्रभु देख रहा

चाहे पुण्य करो चाहे पाप करो (तर्ज-तेरी याद में जल कर देख लिया अब आग में जल कर देंखेंगे) कण कण में...
ईश्वर को ध्याओ (तर्ज - हुआ ध्यान में ईश्वर के जो मगन उसे कोई…) सब मिल कर ईश्वर को ध्याओजो सब का...
तेरे खेल निराले प्रभु जी तेरे खेल निराले । (तर्ज - ओम् का झंडा आया यह ओम् का झंडा आया) तेरे खेल...
मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम् । (तर्ज - बिना बदरा के बिजुरिया कैसे चमके) मेरे मन के गोपाल जपो...
देव चराचर के उत्पादक सब दुःख दुर्गुण दूर हटा दो। (तर्ज - साधक बन कर करो साधना अमृत का भण्डार मिलेगा) १....
तेरे खेल निराले (तर्ज - ओम् का झंडा आया यह ओम् का झंडा आया) तेरे खेल निराले प्रभु जी तेरे खेल निराले...
जीवन सफल बना ले (तर्ज - अल्ला ही अल्ला किया करो दुःख न किसी को) नाम प्रभु का लिया नहीं।धर्म का सौदा...
सदा ही सहाई (तर्ज - दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे) प्रभु नाम तेरा सदा ही सहाई।यह वो शै है जो न कभी...
धर्म कर्म मत छोड़ो (तर्ज - झनक झनक मोरी बाजे पायलिया) धर्म कर्म मत छोड़ो रे मनवा।प्रीत की रीत न तोड़ो रे...
प्रभु की बातें प्रभु ही जाने (तर्ज- तुम्हीं हो माता पिता तुम्हीं हो…) बता गये हैं यह लोग स्यानेप्रभु की बातें प्रभु...
सबका रखवाला दिल में बसा ले। (तर्ज - सुख के सब साथी दुःख में न कोई) सबका रखवाला दिल में बसा ले।वह...
प्रभु परमेश्वर ने संसार सजाया है। (तर्ज-तुम रूठ के मत जाना) १. इक बाग लगाया है।प्रभु परमेश्वर ने संसार सजाया है। २. दिन...