आर्य समाज भजन
प्रभु जी मुझे वरदान दो
(तंर्ज - है इसी में प्यार की आबरू)
प्रभु जी मुझे वरदान दो मैं कभी न तुम...
संसार मुसाफ़िरख़ाना है
(तर्ज-है प्रीत जहाँ की रीत सदा मैं गीत…..)
संसार मुसाफ़िरखाना है इसका दस्तूर पुराना है।इक रोज़ यहाँ पर...
भगवान् जैसा कोई नहीं
(तर्ज - औलाद वालो फूलो फलो)
शेअर - भर दे सब की झोलियाँ वह प्रजापति भगवान ।उसी के...
पाँच सकार (सन्ध्या, स्वाध्याय, सत्संग, संयम, सेवा)
(तर्ज-बच्चो तुम तसवीर हो कल के हिन्दुस्तान की)
भवसागर में डोलती नैया के पतवार हैं।जीवन...
वक्त की कदर करो
(तर्ज-कव्वाली)
वक्त की कदर करो वीरवरो।वक्त की कदर करो।झोलियाँ सुख से भरो वीरवरो।वक्त की कदर करो।
१. वक्त जो...
पुरुषार्थी बनो
(तर्ज-तू हिन्दू बनेगा न मुसलमान बनेगा…)
जो ज़िन्दगी पुरुषार्थ के साँचे में ढली है।तूफान का मुँह मोड़ के रख दे...
इनसान
(तर्ज-बहारो फूल बरसाओ)
किसी के काम जो आए उसे इनसान कहते हैं।पराया दर्द अपनाए उसे इनसान कहते हैं।किसी के काम जो...
कब जीना आएगा
जीने को तू नई से नई चीज़ बनाएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे कब जीना आएगा।दुनियाँ में इनसान तुझे……..
१. माना...
छोड़ दो
(तर्ज-है बहारे बागे दुनियाँ चन्द रोज़)
दीन दुःखियों को सताना छोड़ दो छोड़ दो।दिल जलों के दिल जलाना छोड़ दो...
क्या जाने
(तर्ज-आँखों में खुशी छा जाती है)
बातें जो बनाया करते हैंवो करके दिखाना क्या जानें।करने की लगन जिनके मन मेंवो...
धन से प्रीति
(तर्ज - ऐ जाने चमन तेरा गोरा बदन)
रहने को भवन वस्तर भोजन सुख धन से मिलें हज़ार ।क्यों...
अनमोल जीवन
तेरा जीवन है अनमोल रे तेरा जीवन है अनमोल।इसे विषयों में न रोल रे तेरा जीवन है अनमोल।
१. कभी...











