आर्य समाज भजन

वरदायिनी हे गायत्री माता।

गायत्री महिमा वरदायिनी हे गायत्री माता।गुणगान तेरे संसार गाता। १. रक्षा करे प्रभु प्राणों से प्यारा।दुःख दर्द नाशक दुनियाँ से न्यारा।मानव प्रभु...
क्योंकि वह ओम् ओम् है (तर्ज - यह इश्क इश्क है इश्क) वह वह ओम् ओम् है ओम् ओम् ।ओम् ओम् है...
हर इक नज़ारा है ओम् का (तर्ज - न तो कारवाँ की तलाश है) यह जो सिलसिला है जहान कायह तो कुल...
त्रैतवाद सिद्धान्त (तर्ज-बुरा जो देखन में चला) १. इस सारे संसार में मूल तत्त्व हैं तीन।ब्रह्म जीव और प्रकृति वेद वचन प्राचीन।रे...
श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरे श्रद्धा की भेंट लेकर आया हूँ द्वार तेरेयह भेंट मेरी भगवन् स्वीकार कीजियेगा।श्रद्धा...
प्रभु के दर आ बन्देया (तर्ज - नटवर नागर नंदा भजो रे मन गोबिन्दा) यह जग रैन बसेरा प्रभु के दर आ...
बेसहारों का सहारा (तर्ज- हम को भी दे दे सहारा दो जहाँ के बादशाह) बेसहारों का सहारा कौन है संसार में।बिन तेरे...
प्रेम भाव से मिलकर जग में रहें सभी इनसान । (तर्ज - देख तेरे संसार की हालत क्या हो गई भगवान्) प्रेम...
काहे को तूने प्रभु नाम न गाया। (तर्ज- पूछो न कैसे मैंने रैन बिताई) काहे को तूने प्रभु नाम न गाया।सुन भन...
दुनियाँ में आने वाले ईश्वर गुण गाते जाना। (तर्ज-आया सी स्वामी सुत्ता भारत जगान बदले) दुनियाँ में आने वाले ईश्वर गुण गाते...
पत्थर का ईश्वर (तर्ज-चाँदी की दीवार न तोड़ी प्यार भरा दिल तोड़ दिया) कैसी भारी भूल हुई थी क्या दिलों में ठान...
मुश्किलों से क्या डरना (तर्ज- तेरे नाम दी जपाँ मैं माला ओ शेराँ वाली कर किरपा) हर हाल में प्रभु रखवाला तो...