आर्य समाज भजन
सृष्टि तथा वेद की उत्पत्ति
(तर्ज- हे दयामय हम सबों को शुद्धताई दीजिये)
१. प्राकृतिक परमाणुओं की मूल सामग्री जुटी।स्वयंभू परमात्मा ने...
तू कर ले प्रीति ओम् से
ओ अभिमानी बन्दे ! तू कर ले प्रीति ओम् से।तज कर झूठे धंधे ! तू...
तेरे मन्दिर में आया करूँ
(तर्ज- तुम अगर साथ देने का वादा करो)
मैं तेरे प्रेम की धुन में गाता हुआजब कभी...
सहारा मिल गया
जिस को प्रभु के नाम का जग में सहारा मिल गया।उस नाव को मंझधार में समझो किनारा मिल...
कर्म खोटे तो ईश्वर के भजन गाने से क्या होगा।
(तर्ज- हमारी याद जब आये तो आंसू बहा लेना)
कर्म खोटे तो...
सबके पालनहार हो प्रभु जी।
सबके पालनहार हो प्रभु जी।जन जन के दातार हो प्रभु जी।सब के पालनहार हो प्रभु जी………
अन्तर्यामी...
ग़रीबों की पुकार
(तर्ज-जान सके तो जान)
कर मुश्किल आसान।सूख रही है जीवन खेतीदेख जरा भगवान् ।कर मुश्किल आसान…..
१. ऐ विधाता जग...
प्रभु याद रहे
(तर्ज-चले जा चले जा चले जा जहाँ प्यार मिले)
भूले न भूले न भूले न प्रभु याद रहे।भूले न...
तू पिता तू ही माता
(तर्ज- ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन)
तू पिता और तू ही माता तू सखा,तू...
दुनियाँ का वाली
(तर्ज-चली मेरी दुल्हन की डोली)
प्रभु तू है दुनियाँ का वाली।झूम के डाली डालीगाती है कोयल काली।प्रभू तू है……….
१....
सब का मालिक
(तर्ज- यह सारी दुनियाँ है आनी जानी तो)
सब का तू मालिक जग का भण्डारी।सारा जमाना तेरा पुजारी है।सब...
ओ३म् भज मेरे मन
(तर्ज-बात इतनी सी है कह दो कोई दीवानों से)
तोड़ कर दुनियाँ के बन्धन प्रभु दीवाना बन।ओ३म् भज...











