आर्य समाज भजन

भारतरत्न मूलशंकर ने मंगल मूल विचार किया।

भारतरत्न मूलशंकर ने मंगल मूल विचार किया। भारतरत्न मूलशंकर ने मंगलमूल विचार किया।होकर दयानन्द ऋषि नामी,जीवन परमोदार किया।कौतुक देख चपल चूहे...
ऋषिराज ! आज तेरा जग गान गा रहा है। ऋषिराज ! आज तेरा,जग गान गा रहा है।चुपचाप चारु चेरा,बन मान पा...
एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही। एक अविनाशी अजन्मा विश्वधर धाता तू ही।लोक-नायक न्यायकारी तू पिता माता तू ही ॥धर्मरक्षक...
फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले । फूल बरसाते गुणी पद ज्ञान के गाते चले ।लाख ही लाहौरवासी शोक...
वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे। वेदविद्या के विनोदी, बुद्धि बुद्ध विहार थे।मातृभू के मान मोदी, धैर्य-धर्माधार थे ॥तर्क के...
ऋतुराज वसन्त विराज रहा ऋतुराज वसन्त विराज रहा,मनभावन है छवि छाज रहा।बन-बागन में कुसुमावलि की,सुखदा सुषमा वह साज रहा ॥ यव गेहुँ...
मत बैठे वसन्त निहारो मत बैठे वसन्त निहारो,उठो होली खेलो उमंग बगारो ॥ टेक ॥फूला फाग प्रेम रसिकों को, प्रीति पसार...
चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले । चाव में डूबे उमंगों में भर भावों ढले ।गान के वर गौरवों...
ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला। ओज औ माधुर्य में बीभत्स आकरके मिला।चाटलों के पुंज बीच प्रसून बिम्बी का खिला...
स्वामी श्रद्धानंद गीत संगीनों के आगे सीना,खोल खड़ा था सन्यासी Iसिंह सरीखा निर्भय था जो,कौन था वो गुरुकुलवासी II जिस दिन हुआ...
संगठन सूक्तम् संगच्छध्वं संवदध्वं संवो मनांसि जानताम्। देवा भागां यथा पूर्वेसंजानाना उपासते।। समानी व आकूतिःसमाना हृदयानि वः।समानमस्तु वो मनोयथा वः सुसहासति।। समानो मन्त्रः समितिःसमानी...
समर्पण प्रार्थना हे विभो आनन्दसिन्धोमे च मेधा दीयताम्। यच्च दुरितं दीनबन्धोतच्च दूरं नीयताम्।। टेक।। चंचलानि चेन्द्रियाणिमानसं मे पूयताम्।शरणं याचे तावकोऽहंसेवकोऽनुगृह्यताम्।। 1।। त्वयि च वीर्यं...