आर्य समाज भजन

सबके पालनहार हो प्रभु जी।

सबके पालनहार हो प्रभु जी। सबके पालनहार हो प्रभु जी।जन जन के दातार हो प्रभु जी।सब के पालनहार हो प्रभु जी……… अन्तर्यामी...
ग़रीबों की पुकार (तर्ज-जान सके तो जान) कर मुश्किल आसान।सूख रही है जीवन खेतीदेख जरा भगवान् ।कर मुश्किल आसान….. १. ऐ विधाता जग...
प्रभु याद रहे (तर्ज-चले जा चले जा चले जा जहाँ प्यार मिले) भूले न भूले न भूले न प्रभु याद रहे।भूले न...
तू पिता तू ही माता (तर्ज- ऐ मेरे प्यारे वतन ऐ मेरे बिछड़े चमन) तू पिता और तू ही माता तू सखा,तू...
दुनियाँ का वाली (तर्ज-चली मेरी दुल्हन की डोली) प्रभु तू है दुनियाँ का वाली।झूम के डाली डालीगाती है कोयल काली।प्रभू तू है………. १....
सब का मालिक (तर्ज- यह सारी दुनियाँ है आनी जानी तो) सब का तू मालिक जग का भण्डारी।सारा जमाना तेरा पुजारी है।सब...
ओ३म् भज मेरे मन (तर्ज-बात इतनी सी है कह दो कोई दीवानों से) तोड़ कर दुनियाँ के बन्धन प्रभु दीवाना बन।ओ३म् भज...
सफल ज़िंदगी (तर्ज- रात दिन गुरु के गीत गाए जा) जो भी उस प्रभु के गीत गाएगा।ज़िन्दगी सफल वही बनाएगा। १. क्योंकि वह...
प्रार्थना - हे प्रभो वर दीजिए धारण करें सन्तोष हम। (तर्ज-यज्ञरूप प्रभो हमारे भाव उज्वल कीजिए) हे प्रभो वर दीजिए धारण...
वैदिक प्रार्थना (तर्ज-बनो आर्य खुद और जहाँ को बना दो) दयामय प्रभु जी दया हम पे कर दो।तुझे वर सकें हम हमें...
कहीं झूठ कहीं छल (तर्ज-कभी धूप कभी छाओं) कहीं झूठ कहीं छलकहीं झूठ तो कहीं छल।नर तन चोला फिर न मिलेगाइन बदियों...
भगवान् की रचना (तर्ज - मेरे देश की धरती सोना उगले) भगवान् की रचना बड़ी निरालीबड़ी ही सुन्दर न्यारी।भगवान् की रचना……… १. कितनी...