
नई दिल्ली। वैदिक संस्कृति के संरक्षण, मानव निर्माण तथा समाज में नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार के उद्देश्य से श्री सत्य सनातन वेद मंदिर, रोहिणी (दिल्ली) द्वारा 18 से 20 सितंबर 2026 तक “संध्या-शिविर (भाग-2)” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर उन सभी साधकों, युवाओं, परिवारों एवं वैदिक जीवन-पद्धति को अपनाने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए एक अनूठा अवसर है, जो अपने जीवन को ज्ञान, अनुशासन और आध्यात्मिकता के प्रकाश से आलोकित करना चाहते हैं।
इस तीन दिवसीय शिविर का मार्गदर्शन स्वामी विष्वङ् जी परिव्राजक के सान्निध्य में होगा। वे वानप्रस्थ साधक आश्रम, रोजड़ (गुजरात) के संरक्षक एवं श्री सत्य सनातन वेद मंदिर के अध्यक्ष हैं। उनके अनुभव, विद्वत्ता एवं सरल शैली के माध्यम से प्रतिभागियों को संध्या-वंदन, यज्ञ, वैदिक मंत्रों के भावार्थ, ध्यान, आत्मचिंतन एवं आदर्श जीवन के मूल सिद्धांतों का गहन एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
शिविर का प्रत्येक दिवस प्रातः 8:30 बजे वैदिक यज्ञ से प्रारंभ होगा। इसके पश्चात दो चरणों में विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संध्या-विधि, वैदिक जीवन-दर्शन, संस्कारों का महत्व, दैनिक जीवन में वेदों की उपयोगिता, चरित्र निर्माण, आत्मिक उन्नति तथा समाज सेवा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। प्रतिभागियों के लिए भोजन, विश्राम एवं जलपान की समुचित व्यवस्था भी की गई है, जिससे वे पूर्ण एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त कर सकें।

आज के समय में जब आधुनिक जीवनशैली के कारण मानसिक तनाव, पारिवारिक विघटन और सांस्कृतिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है, ऐसे में इस प्रकार के वैदिक प्रशिक्षण शिविर समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायक सिद्ध हो रहे हैं। यह शिविर केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक श्रेष्ठ, संस्कारित, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिक का निर्माण करना है। विशेष रूप से युवाओं के लिए यह शिविर भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा को समझने तथा उसे अपने जीवन में अपनाने का सुनहरा अवसर है।
आयोजन समिति ने बताया कि श्री सत्य सनातन वेद मंदिर केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि मानव निर्माण की स्थली के रूप में निरंतर कार्य कर रहा है। समय-समय पर यहाँ वैदिक शिक्षा, संस्कार, योग, ध्यान, यज्ञ एवं विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिनका लाभ देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले साधक प्राप्त करते हैं। संस्था का उद्देश्य वैदिक ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाकर एक सशक्त, संस्कारित और जागरूक समाज का निर्माण करना है।
यह शिविर श्री सत्य सनातन वेद मंदिर, डी-12, डी.डी.ए. मार्केट, सीनियर सिटीजन क्लब के सामने, सेक्टर-8, रोहिणी (ईस्ट मेट्रो स्टेशन के समीप), नई दिल्ली-110085 में आयोजित होगा। आयोजन समिति ने सभी इच्छुक प्रतिभागियों से अनुरोध किया है कि व्यवस्था की दृष्टि से पूर्व सूचना देकर अपना पंजीकरण अवश्य सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं लाइव प्रसारण की अनुमति नहीं होगी। सभी प्रतिभागियों से समय का पालन करते हुए पूरे मनोयोग और श्रद्धा के साथ शिविर में सहभागिता करने का अनुरोध किया गया है।
मुख्य विशेषताएँ
- 18 से 20 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय संध्या-शिविर।
- स्वामी चिन्मय जी परित्राजक के सान्निध्य में विशेष प्रशिक्षण।
- वैदिक यज्ञ, संध्या-वंदन, ध्यान एवं स्वाध्याय का व्यावहारिक अभ्यास।
- चरित्र निर्माण, आत्मिक उन्नति एवं वैदिक जीवन-पद्धति पर विशेष मार्गदर्शन।
- भोजन, जलपान एवं आवश्यक व्यवस्थाओं की समुचित सुविधा।
- व्यवस्था हेतु पूर्व सूचना एवं पंजीकरण आवश्यक।
यह शिविर उन सभी के लिए एक अमूल्य अवसर है, जो वैदिक ज्ञान, आध्यात्मिक अनुशासन, आत्मिक विकास और भारतीय संस्कृति की मूल भावना को समझकर अपने जीवन को अधिक सार्थक एवं प्रेरणादायी बनाना चाहते हैं। श्री सत्य सनातन वेद मंदिर सभी श्रद्धालुओं एवं जिज्ञासुओं का इस पावन आयोजन में सादर स्वागत करता है।
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