संस्कार और राष्ट्र सेवा का संगम शिविर का भव्य आयोजन : मध्य प्रदेश

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Sanskar aur Rashtra Seva ka Sangam Shivir ka Bhavya Aayojan : Madhya Pradesh
Sanskar aur Rashtra Seva ka Sangam Shivir ka Bhavya Aayojan : Madhya Pradesh

मध्यप्रदेश और विदर्भ क्षेत्र के युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और चारित्रिक विकास की अलख जगाने के उद्देश्य से ‘सार्वदेशिक आर्यवीर दल‘ द्वारा एक विशाल प्रान्तीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। हाल ही में सीहोर में आयोजित एक विशेष बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस बैठक की अध्यक्षता प्रान्तीय संचालक आदरणीय भैरोसिंह जी ने की, जिसमें आगामी शिविर की रूपरेखा और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।


आयोजन की तिथि एवं स्थान

आर्यवीर दल की परम्पराओं को आगे बढ़ाते हुए यह दस दिवसीय आवासीय शिविर 16 मई 2026 से 25 मई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण शिविर के लिए सेंट मैरी स्कूल, मंडी, सीहोर (म.प्र.) को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है। शिविर का वातावरण पूरी तरह से अनुशासित और गरिमामय होगा, जिससे प्रतिभागी स्वयं को राष्ट्र निर्माण के योग्य बना सकें।


सहभागिता हेतु पात्रता एवं नियम

यह शिविर विशेष रूप से युवा शक्ति को लक्षित करता है। इसमें भाग लेने के लिए निर्धारित आयु सीमा 15 वर्ष से 25 वर्ष रखी गई है। शिविर में प्रवेश के लिए कुछ अनिवार्य दिशा-निर्देश तय किए गए हैं:

  • शिविर शुल्क: व्यवस्था संचालन हेतु प्रत्येक प्रतिभागी के लिए 500 रुपये (मात्र पाँच सौ रुपये) का सहयोग शुल्क निर्धारित है।
  • अनिवार्य दस्तावेज: पंजीकरण के समय आधार कार्ड की प्रति संलग्न करना अनिवार्य है।
  • पंजीकरण प्रक्रिया: आयोजन समिति द्वारा स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्रेशन फॉर्म शीघ्र ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिससे इच्छुक युवा समय पर अपना स्थान सुरक्षित कर सकें।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य

इस शिविर का मूल मंत्र ‘संस्कार, अनुशासन और राष्ट्र सेवा’ है। दस दिनों की इस अवधि में आर्यवीरों को केवल शारीरिक व्यायाम ही नहीं, बल्कि बौद्धिक और मानसिक विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण के मुख्य आयामों में निम्नलिखित विषय शामिल रहेंगे:

  1. शारीरिक दक्षता: व्यायाम, योग और आत्मरक्षा के गुर सिखाए जाएंगे।
  2. वैचारिक शुद्धता: महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों और आर्य समाज के सिद्धांतों पर चर्चा की जाएगी।
  3. चरित्र निर्माण: युवाओं में ईमानदारी, समयबद्धता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाएगी।
  4. संस्कार युक्त शिक्षा: दैनिक जीवन में वैदिक रीति-रिवाजों और नैतिक मूल्यों के महत्व को समझाया जाएगा।

समाज और परिवारों से विशेष अपील

प्रान्तीय प्रचार मंत्री आचार्य विजय राठौड़ ने समाज के प्रबुद्ध जनों, आर्य समाज परिवारों, स्कूलों और गुरुकुलों से विनम्र निवेदन किया है कि वे अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक युवाओं को इस शिविर में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें। युवा शक्ति जितनी संगठित और संस्कारित होगी, समाज और राष्ट्र का भविष्य उतना ही उज्जवल होगा।

आयोजन समिति ने इस पुनीत कार्य में समाज से ‘तन, मन और धन’ से सहयोग की अपेक्षा की है। यह शिविर न केवल बच्चों को शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाएगा, बल्कि उन्हें एक सजग और जिम्मेदार नागरिक के रूप में भी तैयार करेगा।


संपर्क सूत्र एवं जानकारी

शिविर से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहयोग के लिए निम्नलिखित संपर्क सूत्रों पर चर्चा की जा सकती है:

  • आचार्य विजय राठौड़ (प्रांतीय प्रचार मंत्री): 6260547277, 9343268100

यह आयोजन सार्वदेशिक आर्यवीर दल मध्यप्रदेश-विदर्भ (भोपाल) की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगी।


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