आत्मरक्षा, संस्कार और व्यक्तित्व निर्माण का विराट आयोजन : अजमेर (राजस्थान)

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Aatmaraksha, Sanskar aur Vyaktitva Nirman ka Viraat Aayojan : Ajmer (Rajasthan)
Aatmaraksha, Sanskar aur Vyaktitva Nirman ka Viraat Aayojan : Ajmer (Rajasthan)

युवा शक्ति के सर्वांगीण विकास का विशेष अभियान

अजमेर (राजस्थान):
परोपकारिणी सभा, आर्य वीर दल एवं आर्य वीरांगना दल के संयुक्त तत्वावधान में वर्ष 2026 का भव्य आर्य वीर दल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर युवाओं और युवतियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं नैतिक विकास के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है। शिविर का आयोजन ऋषि उद्यान, अजमेर में किया जाएगा, जहाँ प्रतिभागियों को आत्मरक्षा, योग, वैदिक शिक्षा और चरित्र निर्माण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।


शिविर की तिथियाँ और उद्देश्य

आयोजकों के अनुसार यह प्रशिक्षण शिविर दो चरणों में आयोजित होगा।
युवकों हेतु 17 मई से 24 मई 2026 तक तथा युवतियों हेतु 25 मई से 1 जून 2026 तक शिविर का आयोजन रहेगा।

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर, अनुशासित, राष्ट्रभक्त और संस्कारित बनाना है, ताकि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।


आत्मरक्षा और स्वास्थ्य संरक्षण का विशेष प्रशिक्षण

शिविर में प्रतिभागियों को जूडो-कराटे, लाठी, भाला, तलवार, शूटिंग एवं अन्य आत्मरक्षा तकनीकों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान समय में आत्मरक्षा का महत्व अत्यंत बढ़ गया है और यह प्रशिक्षण युवाओं को साहसी, आत्मविश्वासी और सजग बनाने में सहायक होगा।

इसके साथ ही योगासन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, दण्ड-बैठक एवं व्यायाम के माध्यम से शारीरिक क्षमता को विकसित किया जाएगा।


वैदिक ज्ञान और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान

शिविर में केवल शारीरिक प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि वैदिक प्रवचन, जीवन का उद्देश्य, ईश्वर, वेद, योग, आयुर्वेद, नशामुक्ति एवं युवा जागरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इस दौरान युवाओं में संस्कार, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।


सुव्यवस्थित दिनचर्या और अनुशासन

शिविर की दिनचर्या प्रतिदिन प्रातः 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक सुव्यवस्थित रूप से संचालित होगी। दिनभर यज्ञ, व्यायाम, अध्ययन, ध्यान और प्रशिक्षण की गतिविधियाँ रहेंगी।

प्रतिदिन संध्या, यज्ञ एवं शुद्ध सात्त्विक भोजन की व्यवस्था रहेगी, जिससे प्रतिभागियों को आध्यात्मिक और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्राप्त होगा।


प्रतियोगिताएँ और समापन समारोह

शिविर में भाषण, वाद-विवाद, संगीत, चित्रकला एवं अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इससे प्रतिभागियों की प्रतिभा निखरेगी और उनमें आत्मविश्वास का विकास होगा।

समापन समारोह में प्रतिभागियों द्वारा व्यायाम प्रदर्शन प्रस्तुत किया जाएगा तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा।


शिविर प्रवेश नियम

शिविर में प्रवेश हेतु पंजीयन शुल्क 800 रुपये निर्धारित किया गया है। प्रतिभागियों के आवास एवं भोजन की व्यवस्था संस्था की ओर से की जाएगी।

शिविरार्थी की आयु कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए और पूर्णतः स्वस्थ होना आवश्यक है। अनुशासन का पालन प्रत्येक प्रतिभागी के लिए अनिवार्य रहेगा।

शिविर के दौरान मोबाइल एवं कीमती सामान लाना पूर्णतः वर्जित रहेगा।


प्रमुख पदाधिकारी एवं आयोजक मंडल

इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में अनेक प्रमुख पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

प्रधान — श्री ओममुनि
मंत्री — श्री कन्हैयालाल आर्य
संयुक्त मंत्री — डॉ. दिनेश शर्मा
कोषाध्यक्ष — श्री लक्ष्मण जिज्ञासु


शिविर संचालन एवं संपर्क सूत्र

शिविर संयोजक एवं व्यायामाचार्य — यतीन्द्र शास्त्री
मोबाइल: 7014438077

शिविर आयोजिका — श्रीमती रूपवती देवड़ा
मोबाइल: 9460106630

शिविर संचालक — मुनि वासुदेव आर्य
मोबाइल: 9460112092

शिविर संचालिका — श्रीमती कुमुदिनी आर्य
मोबाइल: 941885273

सह-संयोजक — अशोक कश्यप
मोबाइल: 9828540044

सह-संचालक — गोवर्धन चौधरी
मोबाइल: 9782484899

सह-शिविर संचालिका — पुष्पा क्षेत्रपाल
मोबाइल: 6376856573

आनन्दक — रिजा बंशीवाल
मोबाइल: 7976261125

प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकगण

प्रधान शिक्षक — प्रभु शास्त्री
प्रधान शिक्षिका — श्वेता आर्य

अन्य शिक्षकगण एवं शिक्षिकागण भी इस शिविर में प्रशिक्षण देंगे, जिनमें योगाचार्य, व्यायाम प्रशिक्षक और वैदिक विद्वान शामिल रहेंगे।


समाज से सहयोग का आह्वान

आयोजकों ने समाज के सभी अभिभावकों एवं सज्जनों से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को इस शिविर में भेजकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान दें। साथ ही भोजन, अन्न, सामग्री एवं आर्थिक सहयोग देकर इस महत्त्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में सहभागी बनें।

यह शिविर केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, आत्मबल, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है, जो युवाओं के जीवन में नई ऊर्जा, नई दिशा और नया आत्मविश्वास प्रदान करेगा।


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