ओ३म् प्यारा, ओ३म् प्यारा, ओ३म् ओ३म् कहिए।

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ओ३म् प्यारा, ओ३म् प्यारा, ओ३म् ओ३म् कहिए।

ओ३म् महिमा

ओ३म् प्यारा, ओ३म् प्यारा, ओ३म् ओ३म् कहिए।
जाहि विधि राखे प्रभु, ताहि विधि रहिए।।

मुख में हो ओ३म् नाम, जग सेवा हाथ में।
तू अकेला नहीं बन्दे, प्रभु तेरे साथ में।
विधि का विधान जान, लाभ-हानि सहिए।।
जाहि विधि राखे प्रभु …………………………

किया अभिमान तो, फिर मान नहीं पाएगा।
होगा बन्दे वही जो, प्रभु जी को भाएगा।
फल आशा त्यागे, शुभ काम करते रहिए।।
जाहि विधि राखे प्रभु…………………………………

जिन्दगी की डोर साँप, हाथ दीनानाथ के।
महलों में राखे चाहे, झोंपड़ी में वास दे।
धन्यवाद निर्विवाद, ओ३म्, ओ३म् कहिए।।
जाहि विधि राखे प्रभु…………………………………….

आशा एक प्रभु जी से, दूसरी आशा छोड़ दे।
नाता एक प्रभु जी से, दूसरा नाता तोड़ दे।
सत्संग ओ३म् रंग, अंग-अंग रंगिए।।
जाहि विधि राखे प्रभु………………………………….