किसी से तेरा पार जाए न पाया।

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किसी से तेरा पार जाए न पाया।

किसी से तेरा पार

किसी से तेरा पार जाए न पाया।
तू बेअन्त है तेरी बेअन्त माया।

तेरी लगन ही योगियों को सताए।
तपस्वी तेरी धुन में तप करता जाए।
गये हार तो अब सिर है झुकाया।
तू बेअन्त….

तुझे ढूँढ हारे सभी दुनिया वाले,
तेरे खेल देखे सभी ने निराले,
तू क्या है किसी ने न पूरा बताया।
तू बेअन्त……

ऋचाएँ ऋषि तेरी मस्ती में गायें,
तेरी चर्चा को हर जबाँ पर ही पायें,
हिमाला ने सन्देश तेरा सुनाया।
तू बेअन्त……

तेरी खूबियाँ फिर लिखे कोई कैसे,
तुझे तू ही जाने कि हैं आप कैसे,
किसी को तेरा अन्त कुछ भी न आया।
तू बेअन्त…..