आओ मिल प्रभु गुणगान करें

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आओ मिल प्रभु गुणगान करें

आओ मिल प्रभु गुणगान करें

आओ मिल प्रभु गुणगान करें,
यह मंगलमय दिन आया है।
उसकी अनुकम्पा से सबने,
उत्साह तथा सुख पाया है।।

शुभ मन्त्रों का उच्चारण हुआ,
है सुगंधित अपना द्वार हुआ।
उसका ही यह उपकार हुआ,
मिल सबने यज्ञ रचाया है।।

कैसा सुंदर संस्कार हुआ,
सुख शान्ति-सुधा संचार हुआ।
हर्षित सारा परिवार हुआ,
सुख का सब साज सजाया है।

है सजी सभा सब भाइयों की,
आती आवाज बधाइयों की।
रौनक है लोग-लुगाइयों की,
सब मिल मन मोद मनाया है।।

सर्वत्र दया भगवान करें,
आनन्द सुधा का दान करें।
सब कष्ट हरें कल्याण करें,
यह मंगल गीत सुनाया है।।