कैसे देश के रहवरो

0
23
कैसे देश के रहवरो

कैसे देश के रहवरो (तर्ज-तुम तो ठहरे परदेशी….)

कैसे देश के रहवरो,
तुम देश को बचाओगे।

लोहा भी खा गए,
सीमेंट भी खा गए।
जालिमो-जालिमो बतलाओ-
तुम और क्या-क्या खाओगे।

लूट करके देश को
रख दिया विदेशों में।
आपत्ति-आपत्ति आगई
तो विदेश भाग जाओगे।

ये देश था आर्यों का
नेता बने इसके भक्षक।
नेताओ-नेताओ चेत जाओ
वरना मुंह फुड़वाओगे।

दोहा-किस कोने में खोगई आज आदमियत,
जिसे ढूंढ़ने में जमाने लगेंगे।
जिन्हें जिंदगी का रक्षक हमने चुना था,
क्या पता था कि एक दिन वो ही सताने लगेंगे।
खबर थी ये किसको कि चूहे भी एक दिन
बिल्ली को आँखें दिखाने लगेंगे।
लगेगी किनारे कहो कैसे कब तक
जो मल्लाह ही किश्ती को डुबोने लगेंगे।
इस देश को बचालो जवानो।
नहीं तो ये नेता ही इसको खाने लगेंगे।