भूख नियत ना है सब के लिए।

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भूख नियत ना है सब के लिए।

भूख नियत ना है सब के लिए।

भूख नियत ना है सब के लिए।
मृत्यु नियम तो है सब के लिए ।।
तो समझो इसको और त्याग करो ।। १ ।।

धन तो है पहिएवत सब के लिए।
बहता दूसरे तीसरे के लिए।।
तो समझो इसको और त्याग करो।। २ ।।

वह घर तो है पर घर ही नहीं।
जिसमें मित्र को मदद नहीं ।।
तो समझो इसको और त्याग करो ।। ३ ।।

खुद ही खुद भर खाते जो।
पाप ही पाप हैं खाते वो ।।
तो समझो इसको और त्याग करो ।। ४ ।।

कर त्याग का रूप है।
अस्वस्थ तथा बदरूप है।।
तो समझो इसको और त्याग करो ।। ५ ।।