माता-पिता, भाई-बन्धु, सखा वह हमारा है।

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ओ३म् महिमा

माता-पिता, भाई-बन्धु, सखा वह हमारा है।
ओ३म् नाम प्यारा है जी, ओ३म् नाम प्यारा है।।

निराकार है वह, जरें-जरें में समाया है।
महिमा है अपार अन्त, किसी ने ना पाया है।
पत्ता-पत्ता, डाली-डाली, करे यह इशारा है।।
ओ३म् नाम प्यारा है जी………….

पृथ्वी, पहाड़, नदी, नाले क्या बनाए हैं।
रंगदार फूल, बिना हाथों के खिलाए हैं।
लेता है प्रकाश उससे, सूर्य-चन्द्र-तारा।।
ओ३म् नाम प्यारा है जी……………..

ऋषि, मुनि, योगी सारे, उसे ही ध्याते हैं।
गीत प्रभु भक्ति के, झूम-झूम गाते हैं।
तोता, मैना, कोयल ने, भी उसी को पुकारा है।
ओ३म् नाम प्यारा है जी…….

वेदानुसार जीवन, अपना जो बनाते हैं।
आत्मा को शुद्ध कर, मुक्ति को पाते हैं।
‘नन्दलाल’ उसी की जय-जय, करे जग सारा है।।
ओ३म् नाम प्यारा है जी……..