सत्यार्थ प्रकाश
कैधों अवनि को एक अजर-अमर ग्रन्थ।
कैधों आर्य समाज को आत्म उल्लास है।।
कैधों अनमोल महा रत्नों को रत्नाकर की।
वेद को विशेष सच्च तत्त्व को प्रकाश है।।
कैधों आर्यवीरों ने पायो है प्रेमपुंज आज।
काराणी कहत कैधों अविद्या विनाश है।।
सत्य की सुवास वेद विद्या को विलास कैधों।
स्वराज रहस्य वो ही सत्यार्थ प्रकाश है।।४४।।
























