कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।

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कदम अपना आगे बढ़ाता चला जा।

कदम अपना आगे
बढ़ाता चला जा।
सदा प्रेम के गीत
गाता चला जा।

जो बिछुड़े हुए हैं उन्हें तूं मिला जा,
जो सोए पड़े हैं उन्हें तूं जगा जा।
तूं वेदों का डंका बजाता चला जा-
कदम अपना आगे……

तेरे मार्ग में वीर कांटे बड़े हैं,
लिए तीर हाथों में बैरी खड़े हैं।
बहादुर सबको मिटाता चला जा-
कदम अपना आगे… 1

तू है आर्यवंशी ऋषिकुल का बालक,
प्रतापी, यशस्वी सदा दीनपालक।
तू सन्देश सुख का सुनाता चला जा-
कदम अपना आगे… 1

भले आज तूफान उठकर के आए,
बला पर चली आ रही हों बलाएँ।
आर्यवीर है दनदनाता चला जा-
कदम अपना आगे..