आशरा इस जहां का मिले न मिले
आशरा इस जहां
का मिले न मिले,
मुझको तेरा सहारा
सदा चाहिये।
बांदे तारे फलक पर
दिखें न दिखें,
मुझको तेरा नजारा
सदा चाहिये।
यहां खुशियां हैं कम
और ज्यादा है गम,
जहां देखो वहां है
भरम ही भरम।
मेरी महफिल में शमां
जले न जले,
मेरे दिल में उजाला
सदा चाहिये।
कभी अनुराग है
कभी वैराग है,
यहां बदलते हैं
माली वही बाग है।
मेरी चाहत की दुनियां
बसे न बसे,
मेरे दिल में बसेरा
तेरा चाहिए।
मेरी धीधी है चाल
और पथ है विशाल,
हर कदम पर मुसीबत है
अब तो संभाल।
पैर मेरे धके यह चले न चले,
मेरे दिल में इशारा तेरा चाहिये।










