जिस दिन घमण्ड अपने सर से उतार देगा।
जिस दिन घमण्ड अपने
सर से उतार देगा।
उस दिन तुझे विधाता
अनमोल प्यार देगा।
अन्तिम समय कहा
कि नेकी कमा लूं लेकिन।
उस पल ‘पथिक’ ना
कोई जीवन उधार देगा….।
उसके समान जग में
दाता ना और कोई।
देने पे जब वो आए
तो बेशुमार देगा….।
मन वचन कर्म उसकी
आज्ञा अनुसार करले।
वो तो फिदा है तुझपे
सर्वस्व वार देगा….।
भगवान् छोड़ साथी
इन्सान को बनाया।
सुख में जो साथ देता
दुःख में भी साथ देगा….।
























