ऋषिवर के इतने उपकार हैं।
ऋषिवर के इतने उपकार हैं।
जिनको गिनाना दुश्वार है। ।। अन्तरा ।।
भारत की नैय्या जब मझधार थी।
ऋषि ने सम्भाला पतवार थी।।
आकर भवसागर किया पार है।।।
ऋषिवर के इतने उपकार हैं, जिनको ….
विधवाओं पर जुल्म ढाते थे।
सती के नाम पर जलाते थे।।
उनका किया उद्धार है।।।
ऋषिवर के इतने उपकार हैं, जिनको ….
जिनको हम नीच बताते थे।
वो ही विधर्मी हुए जाते थे।।
उनका किया शुद्धि संस्कार है।।।
ऋषिवर के इतने उपकार हैं, जिनको….
ऋषिवर ने दिया जो उपदेश है।
उसी को मानता दिव्येश है।
करता उसी का प्रचार है।।।
ऋषिवर के इतने उपकार हैं, जिनको ….










