यदि वैदिक धर्म का देश में, प्रचार हो जाये

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यदि वैदिक धर्म का देश में, प्रचार हो जाये

यदि वैदिक धर्म का देश में,
प्रचार हो जाये,

मिटे दुःख दर्द सारा,
फिर सुखी संसार हो जाये।

हवन सन्ध्या हो घर-घर में,
पढ़ें सब वेद की वाणी।
बहे फिर प्रेम की गंगा,
हृदय हरिद्वार हो जाये।
यदि वैदिक धर्म का देश में …….

यदि इस मन के मन्दिर में,
ज्ञान की ज्योति जग जाये,
मिटे अन्धकार सारा,
ओ३म् से फिर प्यार हो जाये।
यदि वैदिक धर्म का देश में ………

चलें वेदों के मार्ग पर,
यदि इस देश की वासी,
तो देवी देवता,
भारत का हर नर-नार हो जाये।
यदि वैदिक धर्म का देश में………

चरित्रवान् बन जाये यदि
‘नन्दलाल’ हम सारे,
तो फिर निश्चय है,
बेड़ा पार हो जाये।
यदि वैदिक धर्म का देश में …….