सब खा गये मिर्च मसाला
(तर्ज-ओम् का झण्डा आया)
अजगर बन कर लाला। सब खा गये मिर्च मसाला।
कर गड़बड़ घोटाला। सब खा गये मिर्च मसाला।
१. जनता ने सरताज बनाया।
पर तुम को यह रास न आया।
गुड़ गोबर कर डाला।
सब खा गये मिर्च मसाला।
२. छुपे हुए तुम रुस्तम निकले।
पर दिल के अरमाँ कम निकले।
भाग्य लगाया ताला।
सब खा गये मिर्च मसाला।
३. मार के डाके करके चोरी।
केवल अपनी भरी तिजोरी।
अन्त हुआ मुँह काला।
सब खा गये मिर्च मसाला ।
४. बाहर लाये जब घसीट कर।
तब रोये सिर पीट पीट कर ।
पड़ा यमों से पाला।
सब खा गये मिर्च मसाला।
५. घर में हाहाकार मची है।
न बंगला न कार बची है।
निकल गया दीवाला।
सब खा गये मिर्च मसाला ।
६. जैसा कोई कर्म करेगा।
दुनियाँ में वैसा ही भरेगा।
‘पथिक’ न जाये टाला।
सब खा गये मिर्च मसाला ।










