सब का मालिक
(तर्ज- यह सारी दुनियाँ है आनी जानी तो)
सब का तू मालिक जग का भण्डारी।
सारा जमाना तेरा पुजारी है।
सब से निराली प्रभु महिमा तुम्हारी।
१. देख लिया हर एक तुम्हारे दर पे आता है।
वह झोली भर के जाता है सभी का तू ही दाता है।
चाहे वह राजा हो चाहे भिखारी,
सारा ज़माना तेरा पुजारी है।
सब से निराली प्रभु महिमा तुम्हारी……….
२. परमाणु परमाणु में तू आप समाया है।
सकल संसार बनाया है किसी ने अन्त न पाया है।
गुण तेरे गाती है ख़लकत सारी।
सारा ज़माना तेरा पुजारी है।
सब से निराली प्रभु महिमा तुम्हारी……..
३. कर्मों का भुगतान किए बिन कौन गुज़रता है।
यहाँ जो जैसा करता है ‘पथिक’ वैसा ही भरता है।
तेरी अदालत दुनियाँ से न्यारी।
सारा ज़माना तेरा पुजारी है।
सब से निराली प्रभु महिमा तुम्हारी………










