आयी है आँधी भारत में

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आयी है आँधी भारत में

तर्ज – दीवानों से ये मत……..

आयी है आँधी भारत में,
ये किसने हवा चलायी है।
संस्कार की ज्योति,
जली हुयी आकर के
किसने बुझायी है।।

ओ “सचिन” दयानन्द स्वामी ने,
वेदों की नाद बजायी थी
संसार की उलझन में फँसकर,
हमने हर बात भुलायी है
आयी है आँधी…………

हर रोज़ हवन संध्या व भजन,
सब करना धर्म मानते थे
शुभ कर्म सभी अब छोड़ दये,
ये किसने राह दिखायी है
आयी है आँधी……….

माँ बाप गुरू और सन्तों का,
सम्मान यहाँ पर होता था
अपमान आज इनका होता,
ये कैसी रीत निभायी है
आयी है आँधी…………

नादान आचरण वेदों का,
अनुकूल बना ले जीवन
के वो कली खिलेगी जीवन में,
जो वर्षों से मुरझायी है
आयी है आँधी……