गर जन्म लिया तो (तर्ज : दुनियां में जो आये हैं तो जीना ही पड़ेगा )
गर जन्म लिया तो
तुझे मरना ही पड़ेगा,
वह काम किया है तो
यह करना ही पड़ेगा।
इच्छाओं से लिपटा है
वा डरता है कजा से,
चाहता है कि मैं बादशाह
बन जाऊं गदा से।
तो इस मौत के कुएं में
उतरना ही पड़ेगा,
वह काम किया है तो
यह करना ही पड़ेगा।
रस जीभ का लेने को
कोई जीव ना छोड़ा,
दमड़ी के लिये लोगों की
चमड़ी को निचोड़ा ।
इस करनी का फल
लाजमी भरना ही पड़ेगा।
निर्दोष हिरण बकरे को
क्यों चीरा व फाड़ा,
मासूम कबूतर ने था
क्या तेरा बिगाड़ा,
बदले में यह तन सूली पे
धरना ही पड़ेगा।
आवागमन के राह
न हमवार बनाये,
पापों के पत्थरों से
यह दुश्वार बनाये ।
उन घाटियों से अब
तो गुजरना ही पड़ेगा।
अभिमान में तू बात नहीं
करता किसी से,
औरों को डराता है
नहीं डरता किसी से।
यमराज के डण्डे से
तो डरना ही पड़ेगा।
तू भला है तो बुरा हो
नहीं सकता ए ज़ौक,
है बुरा वह ही जो
तुझ को बुरा जानता है।
और तू ही बुरा है,
तो वह सच कहता है,
क्यों बुरा कहने से
उसको तू बुरा मानता है।
























