जाने वो सबका हाल

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जाने वो सबका हाल

तर्ज – ना कज़रे की धार….

जाने वो सबका हाल,
दीनों का वो दयाल
जो
सबका प्रतिपाल, विधाता
वो परमेश्वर है विधाता
वो परमेश्वर है जाने……..

माता “सचिन” वहीं है,
वो ही पिता हमारा संतान है
हम उसकी, सबका वो ही
सहारा वो ईश्वर, सर्वेश्वर,
है कालों का भी काल
जाने वो सबका………

जग बाग ये लगाया,
और कलियों को खिलाया
ये आसमाँ का आँगन,
सितारों से सजाया कैसी माया,
कैसी छाया-2, हर बात में
कुमाल जाने वो सबका……

पंछी भी गा रहे हैं,
परमात्मा का गाना गुंज़ार
वो भँवरों की, दोहरा रही
तराना वो दाता, वो विधाता-2,
है शक्ति बेमिसाल जाने
वो सबका………

संसार ये रचाया,
संसार का वो वाली जरों में है समाया,
कोई जगह न खाली वो माता,
वो भ्राता-2, रखता है
सबका ख्याल जाने वो सबका……