राह सीधी ज्ञान की मानव उत्थान की।
राह सीधी ज्ञान की,
मानव उत्थान की।
कर ले रे आदमी चाह
ओऽम् पान की। टिक ।।
आगे बढ़ ऊंचा चढ़,
श्रेष्ठ बन महान बन।
जीवन में चाह कर,
धर्म के पान की ।। १ ।।
मन की पुकार है,
करना उद्धार है।
बंधु सब संसार है,
उत्तम धर्म विचार है।
जीवन में विश्वास कर,
धर्म की हो बानगी ।। २ ।।










