आई फौज दयानन्द वाली

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आई फौज दयानन्द वाली

आई फौज दयानन्द वाली,
अब रास्ता कर दो खाली।

वैदिक धर्म की जय के नारे,
बोलो निर्भय ऋषि के प्यारे।
पत्थर बरसें या अंगारे,
बजा-बजाकर ताली……

धर्म युद्ध में जब डट जाना,
फिर न पीछे कदम हटाना।
हंसते-हंसते प्राण गंवाना,
चलें चाल मतवाली…….

वेदों पर विश्वास हमारा,
बलिदानी इतिहास हमारा।
देश हमें प्राणों से प्यारा,
हम हैं इसके माली……..

अत्याचार मिटायेंगे हम,
छुआछूत भगायेंगे हम।
पाखण्ड दुर्ग मिटायेंगे हम,
करें हम रखवाली..

लेखराम की ढाल बनो तुम,
हंसराज की चाल चलो तुम।
श्रद्धानन्द को याद करो तुम,
मत भूलो दीवाली.