संसार में आकर देख लिया
संसार में आकर देख लिया
संसार हमारा हो न सका।
घरबार बसाकर देख लिया
घरबार हमारा हो न सका।
ये तेरा है ये मेरा है ‘बेमोल’
ये कैसी उलझन है।
हम तो परिवार के हो भी गए
परिवार हमारा हो न सका….।
यारों रसीली बातों पर
मुझको तो रहा एतबार नहीं।
कितनों को बनाकर देख लिया
कोई यार हमारा हो न सका….।
हर दिलदारों की बस्ती
ये दिलवर को ढूंढ़ने जा पहुंचे।
दिलदार ने बस दिल छीन लिया
दिलदार हमारा हो न सका….।
शर्तें सब निभाई हैं हमने
कसमें भी खाई हैं हमने।
फिर भी इस दुनिया वालों को
एतबार हमारा हो न सका….।










