करो गायत्री जाप
करो गायत्री जाप,
मनवा धुल जायेगा।
मारो जोर से थाप,
फाटक खुल जायेगा ।।
अमृत वेले मंदिर आओ,
धीरे-धीरे कदम बढ़ाओ।
मन में करो अलाप,
मनवा धुल जायेगा ।।
चारों वेदों में यह है आया,
राम श्याम ने इसे ध्याया।
पढ़कर देखों आप,
मनुवा धुल जायेगा ।।
सौ बरस तक जीना चाहो,
अमृत रस तुम पीना चाहो।
होता मेल मिलाप,
गायत्री है मां बाप,
मनुवा धुल जायेगा।।
प्रभु आश्रित ने प्रभु को पाया,
आनन्द स्वामी को आनंद आया।
श्वास श्वास से नाप,
मनुवा घुल जायेगा।।
मनोकामना पूरी कर दो.
सबकी झोली प्रभु जी भर दो।
श्वास श्वास से जाप,
मनुवा धुल जायेगा ।।
आशानन्द को कष्ट जो आये,
गायत्री मां की गोदी जाये।
दूर होवे संताप, मनुवा घुल जायेगा।।
ब्रह्मचर्य पूर्वक जो व्यक्ति गायत्री की उपासना करता है ओर ताजे आंवला का सेवन करता है वह दीर्घजीवी होता है।
गायत्री के जपन से,
मिटे सकल संताप।
प्रेम मग्न हो भक्त जन,
जपे निरन्तर जाप।










